ऑपरेशन के बाद महिला की मौत: खिजरसराय का निजी अस्पताल सील, अवैध अस्पतालों पर प्रशासन का शिकंजा
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 05 अगस्त 2026,
गयाजी: खिजरसराय में ऑपरेशन के बाद एक महिला की मौत के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए संबंधित निजी अस्पताल को सील कर दिया है। घटना के दो दिन बाद मंगलवार की देर रात करीब 11:30 बजे स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए अस्पताल को बंद करा दिया। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में बिना वैध निबंधन (रजिस्ट्रेशन) के संचालित निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और क्लीनिक संचालकों में हड़कंप मच गया है।
ऑपरेशन के बाद बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान हुई मौत
जानकारी के अनुसार महकार थाना क्षेत्र के फतेहपुर गांव निवासी 24 वर्षीय लालसा देवी का खिजरसराय स्थित दुर्गा हॉस्पिटल में ऑपरेशन किया गया था। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें पहले गयाजी और फिर बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
परिजनों का हंगामा, डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप
महिला की मौत की सूचना मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए। उन्होंने अस्पताल परिसर में शव रखकर करीब एक से दो घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों ने आरोप लगाया कि इलाज में गंभीर लापरवाही बरती गई और महिला की मौत के बाद डॉक्टर व अस्पताल प्रबंधन अस्पताल छोड़कर फरार हो गए।
देर रात प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन सक्रिय हुआ। अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) केशव आनंद के निर्देश पर मंगलवार की देर रात खिजरसराय सीएचसी में तैनात डॉ. शाहरुख खान, अंचल अधिकारी केशव किशोर, खिजरसराय थानाध्यक्ष गिरधर उपाध्याय तथा स्वास्थ्य विभाग एवं पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने दुर्गा हॉस्पिटल को सील कर दिया।
अवैध अस्पतालों के खिलाफ विशेष अभियान
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खिजरसराय एवं आसपास के क्षेत्रों में बिना वैध निबंधन के संचालित निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और क्लीनिकों के खिलाफ विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। नियमों का उल्लंघन कर मरीजों की जान जोखिम में डालने वाले अस्पतालों और फर्जी चिकित्सकों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कार्यवाई से क्षेत्र में मचा हड़कंप
दुर्गा हॉस्पिटल पर हुई कार्रवाई के बाद क्षेत्र के कई निजी अस्पताल और क्लीनिक संचालकों में हड़कंप की स्थिति है। प्रशासन ने कहा है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और यदि इलाज में लापरवाही अथवा अन्य अनियमितताएं सामने आती हैं तो दोषियों के खिलाफ विधिसम्मत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
