गया अभियंत्रण महाविद्यालय के इंडक्शन प्रोग्राम में प्रो. राहुल कुमार ने यूनिवर्सल ह्यूमन वैल्यूज़ पर दिया प्रेरक व्याख्यान
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 05 अगस्त 2026,
गयाजी। बुधवार को गया अभियंत्रण महाविद्यालय, गयाजी में बी.टेक. 2026–2030 बैच के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए आयोजित दीक्षारंभ (इंडक्शन) कार्यक्रम के अंतर्गत प्रो. राहुल कुमार ने “यूनिवर्सल ह्यूमन वैल्यूज़ (Universal Human Values)” विषय पर प्रेरणादायक एवं विचारोत्तेजक व्याख्यान दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान के साथ नैतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व के महत्व से अवगत कराया।
तकनीक के साथ नैतिक मूल्यों की भी है आवश्यकता
अपने संबोधन में प्रो. राहुल कुमार ने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी यह सिखाते हैं कि किसी तकनीक या संसाधन का निर्माण कैसे किया जाए, लेकिन उसका उपयोग किस उद्देश्य के लिए और किस प्रकार किया जाए, इसका निर्णय केवल मानवीय मूल्यों, नैतिकता और विवेक के आधार पर ही लिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि एक कुशल इंजीनियर बनने के साथ-साथ अच्छा इंसान बनना भी उतना ही आवश्यक है।
परमाणु ऊर्जा का उदाहरण देकर समझाया महत्व
प्रो. राहुल कुमार ने विद्यार्थियों को सरल उदाहरणों के माध्यम से विषय को समझाते हुए कहा कि परमाणु ऊर्जा का उपयोग एक ओर विनाशकारी परमाणु बम बनाने में किया जा सकता है, तो दूसरी ओर बिजली उत्पादन, चिकित्सा, कृषि और वैज्ञानिक अनुसंधान जैसे मानव कल्याणकारी कार्यों में भी किया जा सकता है। इसलिए तकनीकी ज्ञान का उपयोग सदैव मानव हित और समाज के विकास के लिए होना चाहिए।
जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनने का आह्वान
उन्होंने विद्यार्थियों से केवल सफल इंजीनियर बनने तक सीमित न रहने, बल्कि ईमानदार, जिम्मेदार, संवेदनशील और समाज के प्रति उत्तरदायी नागरिक बनने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मानवीय मूल्य व्यक्ति को सही और गलत के बीच अंतर करने की क्षमता प्रदान करते हैं तथा तकनीकी ज्ञान को समाज के हित में उपयोग करने की प्रेरणा देते हैं।
विद्यार्थियों ने पूछे कई महत्वपूर्ण प्रश्न
व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों ने प्रोफेशनल एथिक्स, नैतिकता, सामाजिक उत्तरदायित्व और इंजीनियरिंग के मानवीय पक्ष से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे। प्रो. राहुल कुमार ने सभी प्रश्नों के उत्तर व्यावहारिक उदाहरणों के साथ सरल भाषा में दिए, जिससे विद्यार्थियों ने विषय को बेहतर ढंग से समझा।
चरित्र निर्माण और सकारात्मक सोच पर दिया जोर
कार्यक्रम का उद्देश्य नवप्रवेशित विद्यार्थियों में यूनिवर्सल ह्यूमन वैल्यूज़, प्रोफेशनल एथिक्स, सामाजिक समरसता, सकारात्मक सोच, जिम्मेदारी और चरित्र निर्माण के प्रति जागरूकता विकसित करना था। व्याख्यान के अंत में विद्यार्थियों ने इसे अत्यंत प्रेरणादायक एवं जीवनोपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे सत्र आयोजित करने की इच्छा व्यक्त की।
