गयाजी के विकास को मिली नई रफ्तार, गांधी मैदान पार्क के पुनर्विकास समेत कई परियोजनाओं का शुभारंभ
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 13 जुलाई 2026,
गयाजी: जिले के समग्र विकास को नई गति देते हुए सोमवार को गांधी मैदान पार्क के पुनर्विकास सहित कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया। बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार गयाजी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, पूर्व मंत्री राणा रणधीर सिंह, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
₹4.31 करोड़ से संवरेगा गांधी मैदान पार्क
डॉ. प्रेम कुमार ने बताया कि ₹4.31 करोड़ की लागत से गांधी मैदान पार्क का पुनर्विकास कराया गया है। परियोजना के तहत पार्क में आधुनिक वॉकिंग पथ, गज़ीबो, शौचालय सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं का विकास किया गया है। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय लोगों को बेहतर सार्वजनिक स्थल मिलेगा और गयाजी आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों को भी आकर्षक एवं आधुनिक वातावरण उपलब्ध होगा।
धार्मिक और पर्यटन स्थलों के विकास पर विशेष जोर
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गयाजी को स्वच्छ, सुंदर और आधुनिक धार्मिक-पर्यटन नगरी के रूप में विकसित करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। इसी क्रम में कई अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं का भी शुभारंभ और शिलान्यास किया गया।
इनमें प्रमुख रूप से—
🔹वैष्णो माता मंदिर में एलईडी एवं लाइटिंग कार्य पर लगभग ₹47.44 लाख,
🔹फतेहपुर स्थित सूर्यकुंड तालाब एवं शिव मंदिर के विकास पर लगभग ₹1.29 करोड़,
🔹बोधगया में विश्वस्तरीय ध्यान एवं अनुभव केंद्र (Meditation & Experience Centre) के निर्माण पर लगभग ₹165.44 करोड़ की परियोजना शामिल है।
विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस होगा ध्यान एवं अनुभव केंद्र
बोधगया में बनने वाले ध्यान एवं अनुभव केंद्र में मेडिटेशन सेंटर, पार्किंग, लिफ्ट, कैफेटेरिया, प्रदर्शनी क्षेत्र, सूचना प्रणाली, सुरक्षा व्यवस्था समेत कई आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सरकार का उद्देश्य बोधगया को अंतरराष्ट्रीय स्तर के आध्यात्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में और अधिक विकसित करना है।
पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार सरकार धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन स्थलों के संरक्षण एवं विकास के लिए प्रतिबद्ध है। गयाजी और बोधगया की ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के लिए आधारभूत संरचनाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।
उन्होंने विश्वास जताया कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से जिले में पर्यटन को नई पहचान मिलेगी, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, व्यापार को गति मिलेगी और नागरिकों को बेहतर शहरी सुविधाओं का लाभ प्राप्त होगा।
सार्वजनिक परिसंपत्तियों के संरक्षण की अपील
कार्यक्रम के अंत में डॉ. प्रेम कुमार ने नागरिकों से सार्वजनिक परिसंपत्तियों की सुरक्षा, स्वच्छता बनाए रखने और विकास कार्यों में सहयोग देने की अपील की, ताकि इन परियोजनाओं का लाभ लंबे समय तक आम लोगों को मिलता रहे।
