विश्व रक्तदाता दिवस पर सीयूएसबी में रक्तदान प्रतिज्ञा समारोह आयोजित, मानवता की सेवा का दिया संदेश
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 15 जून 2026,
गयाजी: विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) में उच्च शिक्षा विभाग, शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय एवं नेशनल ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल (एनबीटीसी) के सहयोग से ऑनलाइन रक्तदान प्रतिज्ञा समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व स्कूल ऑफ लॉ एंड गवर्नेंस (एसएलजी) के अधिष्ठाता प्रो. अशोक कुमार एवं डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर (डीएसडब्ल्यू) प्रो. पवन कुमार मिश्रा ने किया।
प्रतिभागियों ने लिया स्वैच्छिक रक्तदान का संकल्प
कार्यक्रम की शुरुआत रक्तदान प्रतिज्ञा के साथ हुई। प्रो. अशोक कुमार ने सभी प्रतिभागियों को रक्तदान की शपथ दिलाई, जिसमें उन्होंने स्वेच्छा से रक्तदान करने तथा समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। समारोह में बड़ी संख्या में शिक्षक, कर्मचारी, शोधार्थी एवं छात्र-छात्राएं ऑनलाइन माध्यम से जुड़े।
रक्तदान को बताया मानवता की सर्वोत्तम सेवा
लीगल एड क्लिनिक के समन्वयक प्रो. सुरेन्द्र कुमार ने अपने संबोधन में रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रक्तदान केवल सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सर्वोत्तम माध्यम है। उन्होंने कहा कि एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन दे सकता है और युवाओं को नियमित स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए।
रक्तदान से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने पर जोर
डीएसडब्ल्यू प्रो. पवन कुमार मिश्रा ने कहा कि आज भी समाज में रक्तदान को लेकर कई तरह की भ्रांतियां और आशंकाएं मौजूद हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वस्थ व्यक्ति द्वारा किया गया रक्तदान पूरी तरह सुरक्षित होता है और इससे स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता। साथ ही नियमित स्वास्थ्य जांच के माध्यम से व्यक्ति अपने स्वास्थ्य के प्रति भी जागरूक रहता है।
छात्रों की रही महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम के सफल आयोजन में लीगल एड क्लिनिक एवं मीडिया समिति के छात्र समन्वयकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। रिफात हयात, तनिषा रॉय, अनुज किशोर तथा विनेदिता पंकज सहित कई छात्र-छात्राओं ने आयोजन में सक्रिय सहभागिता निभाई। मीडिया समिति के सदस्य अनन्या, अनुष्का आनंद, अभिषेक पाठक और हर्षवर्धन भी कार्यक्रम में शामिल रहे।
स्वैच्छिक रक्तदान संस्कृति को बढ़ावा देने का संकल्प
कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ सभी प्रतिभागियों ने समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और समय-समय पर जरूरतमंदों की सहायता के लिए रक्तदान करने का संकल्प दोहराया। आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे कार्यक्रम स्वैच्छिक रक्तदान की संस्कृति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
