एमएलसी बनाने का झांसा देकर शिक्षिका से यौन शोषण, 14.81 लाख भी ठगे, तीन पर प्राथमिकी दर्ज
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 09 जून 2026,
गयाजी: जिले के चाकंद क्षेत्र की एक शिक्षिका ने साथी शिक्षक समेत तीन लोगों पर एमएलसी बनवाने का झांसा देकर यौन शोषण करने और लाखों रुपये की ठगी करने का गंभीर आरोप लगाया है। न्यायालय के आदेश पर कोतवाली थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने बक्सर जिले के निवासी प्रकाश, गंगाराम और कृष्णा को नामजद अभियुक्त बनाया है।
एमएलसी बनाने का दिया गया था प्रलोभन
पीड़िता की शिकायत के अनुसार उसकी पहचान शिक्षक प्रकाश से हुई थी। प्रकाश ने उसे एक व्हाट्सएप समूह से जोड़ते हुए दावा किया कि उसकी पहुंच प्रभावशाली लोगों तक है और वह उसे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी बनवा सकता है। इसी क्रम में फरवरी 2024 में उसे वाराणसी में आयोजित एक बैठक में बुलाया गया।
नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वाराणसी पहुंचने पर प्रकाश ने उसे एक होटल में ठहराया। वहां भोजन के दौरान कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया गया, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई और वो बेहोश हो गई। पीड़िता का आरोप है कि इसी दौरान उसके साथ दुष्कर्म किया गया तथा सहयोगियों की मदद से उसका आपत्तिजनक वीडियो भी बना लिया गया।
वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेलिंग
पीड़िता ने आरोप लगाया कि होश में आने के बाद विरोध करने पर उसे जान से मारने और वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई। इसके बाद आरोपी कथित तौर पर लगातार ब्लैकमेल करते रहे। शिकायत के अनुसार, वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देकर उसे कई बार मिलने के लिए मजबूर किया गया और आर्थिक शोषण भी किया गया।
करीब 15 लाख रुपये ठगने का आरोप
पीड़िता का दावा है कि आरोपितों ने विभिन्न माध्यमों से उससे कुल 14 लाख 81 हजार रुपये वसूल लिए। लगातार ब्लैकमेलिंग और आर्थिक दबाव के कारण वह मानसिक तनाव से गुजर रही है तथा भारी कर्ज के बोझ तले दब गई है।
पुलिस ने शुरू की जांच
कोतवाली थानाध्यक्ष धनंजय कुमार सिंह ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच सब इंस्पेक्टर मनीषा सिंह को सौंपी गई है। पुलिस सभी आरोपों की जांच कर रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आरोपों की पुष्टि जांच के बाद होगी
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की सत्यता की जांच की जा रही है। मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत साक्ष्य और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
