विश्व पर्यावरण दिवस पर न्यायालय परिसर एवं डीएलएसए कार्यालय में हुआ वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 05 जून 2026,
गयाजी: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार एवं व्यवहार न्यायालय, गयाजी के तत्वावधान में न्यायालय परिसर तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार कार्यालय परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा हरित भविष्य के निर्माण का संदेश देना था।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने किया कार्यक्रम का नेतृत्व
कार्यक्रम का नेतृत्व प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गयाजी प्रदीप कुमार मलिक ने किया। इस अवसर पर परिवार न्यायालय के न्यायाधीश सुनील कुमार वर्मा, एडीजे-1 शशिकांत ओझा, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव अरविंद कुमार दास, वन क्षेत्र पदाधिकारी निरंजन कुमार सहित अन्य न्यायिक पदाधिकारी, न्यायालय कर्मी एवं वन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
जलवायु परिवर्तन पर जताई चिंता
वृक्षारोपण के दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रदीप कुमार मलिक ने कहा कि वैश्विक स्तर पर हो रहे जलवायु परिवर्तन का प्रभाव अब आम जनजीवन पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। उन्होंने लोगों से पर्यावरण संरक्षण के प्रति सजग रहने और प्रत्येक वर्ष कम-से-कम पांच वृक्ष लगाकर उनके संरक्षण का दायित्व निभाने की अपील की।
भविष्य की पीढ़ियों के लिए पर्यावरण बचाना जरूरी
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते पर्यावरण संरक्षण की दिशा में आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियों के साथ-साथ वर्तमान पीढ़ी को भी गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए वृक्षारोपण को जनआंदोलन का रूप देना समय की मांग है।
डीएलएसए कार्यालय परिसर में भी हुआ पौधारोपण
इसके अतिरिक्त जिला विधिक सेवा प्राधिकार कार्यालय परिसर में भी वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें सचिव अरविंद कुमार दास, स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष लोलार्क दुबे तथा डीएलएसए के सभी कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम में उपस्थित सभी न्यायिक पदाधिकारियों, न्यायालय कर्मियों, कर्मचारियों एवं वन विभाग के अधिकारियों ने पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के निर्माण का संकल्प लिया।
पर्यावरण संरक्षण का दिया गया संदेश
कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का संदेश दिया गया। उपस्थित लोगों ने अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लिया।
