गयाजी के 7 प्रखंडों में 1 जुलाई से शुरू होगी डिग्री की पढ़ाई, तैयारियों की डीएम ने की समीक्षा

0
1780502315311.jpg
Spread the love

आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 03 जून 2026,

गयाजी। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत गयाजी जिले के डिग्री कॉलेज रहित सात प्रखंडों – अतरी, नीमचक बथानी, कोच, मोहड़ा, बांकेबाजार, डुमरिया और मोहनपुर में आगामी 1 जुलाई से स्नातक स्तर की पढ़ाई शुरू कर दी जाएगी। इसको लेकर जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से व्यापक समीक्षा बैठक कर सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उत्सवी माहौल में होगी शैक्षणिक सत्र की शुरुआत

बैठक में मगध विश्वविद्यालय के कुलपति, नव-नियुक्त प्राचार्य, अनुमंडल पदाधिकारी, शिक्षा विभाग के अधिकारी, भवन निर्माण, विद्युत, पीएचईडी तथा अन्य तकनीकी विभागों के कार्यपालक अभियंता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए। जिलाधिकारी ने कहा कि 1 जुलाई से इन प्रखंडों में डिग्री कॉलेजों का संचालन उत्सवी और भव्य माहौल में शुरू किया जाएगा ताकि स्थानीय विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में ही उच्च शिक्षा का अवसर मिल सके।

सात निश्चय-3 योजना के तहत शुरू हो रही पहल

जिलाधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार के सात निश्चय-3 कार्यक्रम के चौथे निश्चय “उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य” के अंतर्गत राज्य के 211 डिग्री कॉलेज विहीन प्रखंडों में स्नातक स्तर की पढ़ाई शुरू की जा रही है। गयाजी जिले के सात प्रखंड भी इस योजना में शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर और सुलभ उच्च शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों का रुख न करना पड़े।

अस्थायी भवनों में शुरू होगा कॉलेज संचालन

फिलहाल इन डिग्री कॉलेजों के संचालन के लिए अस्थायी भवनों का चयन किया गया है। जिलाधिकारी ने बताया कि इन भवनों में सभी आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज़ी से चल रही है।

प्रत्येक कॉलेज की निगरानी के लिए जिला स्तर पर अपर समाहर्ता की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है। वहीं संबंधित अनुमंडल पदाधिकारियों को प्राचार्यों एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ भवनों का भौतिक निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है।

छात्रों के लिए होंगी आधुनिक सुविधाएं

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कॉलेजों में विद्यार्थियों की जरूरतों के अनुरूप सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी की जाएं। इनमें फर्नीचर, कंप्यूटर, वाई-फाई, भवनों की मरम्मत, रंग-रोगन, शुद्ध पेयजल, आरओ सिस्टम, वाटर कूलर, महिला एवं पुरुषों के लिए अलग शौचालय, बिजली, पंखे, कूलर, एसी, स्टेशनरी सामग्री, सुरक्षा व्यवस्था तथा साफ-सफाई जैसी सुविधाएं शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी कार्य की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा और सभी व्यवस्थाएं वित्तीय नियमों के अनुरूप सुनिश्चित की जाएं।

स्थायी भवनों के लिए भूमि चिन्हित करने की प्रक्रिया जारी

जिलाधिकारी ने बताया कि इन कॉलेजों के स्थायी भवनों के निर्माण के लिए भी जिला प्रशासन लगातार कार्य कर रहा है। सरकार के निर्देशानुसार ग्रामीण क्षेत्रों में न्यूनतम 5 एकड़ तथा शहरी क्षेत्रों में 2.5 एकड़ भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई की जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

You cannot copy content of this page