गयाजी में सड़क सुरक्षा पर प्रशासन सख्त, हाईवे किनारे अवैध अतिक्रमण हटाने को 60 दिन का अल्टीमेटम

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 02 जून 2026,

गयाजी: राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा, अवैध अतिक्रमण और अवैध पार्किंग पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर की अध्यक्षता में मंगलवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वोच्च न्यायालय और परिवहन विभाग के निर्देशों के आलोक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में जिला परिवहन पदाधिकारी, यातायात डीएसपी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि वरीय पुलिस अधीक्षक, अनुमंडल पदाधिकारी, एसडीपीओ, अंचलाधिकारी और थानाध्यक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

अवैध संरचनाएं हटाने के लिए 60 दिनों की समय-सीमा

बैठक में निर्णय लिया गया कि राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे स्थित सभी नई और पुरानी अवैध संरचनाओं को अगले 60 दिनों के भीतर हटाया जाएगा। इसके लिए संबंधित विभागों और स्थानीय प्रशासन को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।

सड़क सुरक्षा निगरानी के लिए विशेष टास्क फोर्स गठित

सड़क सुरक्षा व्यवस्था की नियमित निगरानी और अतिक्रमण हटाने के लिए विभिन्न प्रमुख सड़कों पर विशेष टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इनमें :-

🔹जीटी रोड (बाराचट्टी-डोभी-शेरघाटी-आमस)।        🔹पटना-गयाजी-डोभी राष्ट्रीय राजमार्ग, 🔹गयाजी-टिकारी-दाउदनगर-औरंगाबाद मार्ग, 🔹गयाजी-मानपुर-वजीरगंज-हिसुआ मार्ग,           🔹निर्माणाधीन आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे शामिल हैं।

अतिक्रमण और अवैध पार्किंग के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति

जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सड़कों के किनारे बिना अनुमति के वाहनों की पार्किंग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे वाहनों को हटाने के लिए संबंधित क्षेत्रों में क्रेन की उपलब्धता सुनिश्चित करने और नियमित पेट्रोलिंग चलाने का निर्देश दिया गया है।

ठेला-खोमचा और अस्थायी अतिक्रमण पर भी होगी कार्रवाई

टास्क फोर्स को सड़क किनारे बने स्थायी एवं अस्थायी अतिक्रमण, झोपड़ियों, ठेला-खोमचों, सर्विस रोड और नालों पर किए गए कब्जों की पहचान कर नोटिस जारी करने तथा अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया है। सड़क के ड्रेनेज सिस्टम को बाधित करने वाले अतिक्रमणों पर भी विशेष कार्रवाई की जाएगी।

हाईवे सेफ्टी जोन में नहीं मिलेगा लाइसेंस या एनओसी

डीएम ने कहा कि हाईवे सेफ्टी जोन क्षेत्र में किसी भी विभाग द्वारा बिना निर्धारित मानकों के कोई अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) या लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

हर पखवाड़े होगी समीक्षा

सड़क सुरक्षा और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की निगरानी के लिए गठित टास्क फोर्स प्रत्येक पखवाड़े समीक्षा बैठक करेगी और अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपेगी। प्रशासन का लक्ष्य यातायात को सुगम बनाना और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना है।

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