गया इंजीनियरिंग कॉलेज में IPR जागरूकता सत्र आयोजित, नवाचार की सुरक्षा पर दिया गया जोर
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 28 मार्च 2026,
गयाजी; गया इंजीनियरिंग कॉलेज (GCE), गयाजी में FISME, MSME एवं स्टार्टअप सेल के संयुक्त तत्वावधान में बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) पर एक जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों, उद्यमियों और स्थानीय प्रतिभागियों को उनके नवाचारों की सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था।
दीप प्रज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर प्रो. अजीत कुमार ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान दौर में नवाचार और स्टार्टअप को आगे बढ़ाने के लिए IPR की समझ बेहद जरूरी है।
IPR के विभिन्न पहलुओं पर विशेषज्ञों ने डाला प्रकाश
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि CNLU, पटना से सौरव कुमार ने IPR के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पेटेंट, ट्रेडमार्क और कॉपीराइट किसी भी नवाचार को कानूनी सुरक्षा प्रदान करते हैं और उद्यमियों को प्रतिस्पर्धा में मजबूती देते हैं।
स्टार्टअप और सरकारी योजनाओं की दी जानकारी
फैकल्टी इंचार्ज प्रो. लवकुश गुप्ता ने स्टार्टअप सेल की गतिविधियों और छात्रों के लिए उपलब्ध अवसरों के बारे में जानकारी दी। वहीं डिस्ट्रिक्ट स्टार्टअप कोऑर्डिनेटर सुषांत कुमार ने IPR से जुड़ी फंडिंग और विभिन्न सरकारी योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
छात्रों और उद्यमियों की सक्रिय भागीदारी
इस जागरूकता सत्र में बीटेक अंतिम वर्ष, एमटेक के छात्रों, सहायक प्राध्यापकों, स्थानीय कारीगरों, स्टार्टअप और MSME उद्यमियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। प्रतिभागियों ने सत्र के दौरान अपने सवाल पूछकर विषय को और गहराई से समझा।
नवाचार की सुरक्षा पर दिया गया विशेष जोर
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि नवाचारों की सुरक्षा के लिए IPR का ज्ञान अत्यंत आवश्यक है। इससे न केवल नए विचारों को संरक्षण मिलता है, बल्कि आर्थिक विकास और उद्यमिता को भी बढ़ावा मिलता है।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया। यह सत्र छात्रों और उद्यमियों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक साबित हुआ।
