सीयूएसबी में “अनलॉकिंग प्रोफेशनलिज्म” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला सम्पन्न
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 18 मार्च 2026,
गयाजी; दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के स्कूल ऑफ लॉ एंड गवर्नेंस के इंटर्नशिप एवं प्लेसमेंट सेल द्वारा “Unlocking Professionalism, Navigate and Thrive: Career in the Global Legal Landscape” विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। हाइब्रिड मोड में आयोजित इस कार्यशाला में देशभर से 550 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
वैश्विक विधिक परिवेश पर हुई चर्चा
कार्यशाला के मुख्य वक्ता संजय कुमार वर्मा, अध्यक्ष, रिसर्च एंड इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर डेवलपिंग कंट्रीज़ (नई दिल्ली) ने अपने कूटनीतिक अनुभवों के आधार पर वैश्विक विधिक परिवेश में हो रहे बदलावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों को अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण विकसित करने और मजबूत पेशेवर नैतिकता अपनाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता (इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन) के महत्व पर चर्चा करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में वैश्विक केंद्र बनने के लिए भारत को अपनी प्रणाली को और सुदृढ़ करना होगा।
उच्च शिक्षा संस्थानों की भूमिका पर जोर
विशेष संबोधन में एस. डी. शर्मा, अध्यक्ष, उच्च शिक्षा विभाग, उत्तराखंड ने कहा कि जिम्मेदार और दक्ष विधि पेशेवरों के निर्माण में उच्च शिक्षण संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। वहीं अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह ने विधि एवं शासन विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कौशल आधारित विधिक शिक्षा, शोध उत्कृष्टता और पेशेवर दक्षता के महत्व पर बल दिया।
विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव
कार्यक्रम के औपचारिक उद्घाटन के बाद डॉ. पूनम कुमारी, संकाय सह-समन्वयक, इंटर्नशिप एवं प्लेसमेंट सेल ने कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। वहीं स्कूल ऑफ लॉ एंड गवर्नेंस के डीन प्रो. अशोक कुमार ने स्वागत भाषण में विधि विद्यार्थियों में व्यावहारिक कौशल, पेशेवर अनुशासन और उद्योग-उन्मुख क्षमताओं के विकास की आवश्यकता पर जोर दिया।
दो दिवसीय कार्यशाला के दौरान कई विशेषज्ञों ने विभिन्न विषयों पर अपने विचार साझा किए। आशीष रंजन (अटॉर्नी एट लॉ, न्यूयॉर्क) ने इमिग्रेशन लॉ के कानूनी ढांचे और समकालीन मुद्दों पर चर्चा की। स्वेता तिवारी ने विधिक फ्रीलांसिंग के अवसरों और पेशेवर दक्षताओं के विकास पर जानकारी दी। वहीं अमन सागर, वरिष्ठ सहयोगी साई कृष्णा एंड एसोसिएट्स, नई दिल्ली ने बौद्धिक संपदा (आईपी) कानून में करियर के विभिन्न मार्गों पर विस्तृत जानकारी दी। इसके अलावा रॉबिन विन्सेंट, संस्थापक आईपी ट्रेडमार्क क्लिनिक और अधिवक्ता पटना उच्च न्यायालय ने आईपी प्रैक्टिस में क्षेत्रीय अवसरों और व्यावहारिक अनुभव के महत्व पर जोर दिया।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ
कार्यक्रम के अंत में डॉ. अनुराग अग्रवाल, संकाय समन्वयक, इंटर्नशिप एवं प्लेसमेंट सेल ने वक्ताओं, संकाय सदस्यों, आयोजकों और प्रतिभागियों के प्रति उनके योगदान के लिए आभार व्यक्त किया।