सीयूएसबी में राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता, सीएनएलयू पटना ने जीता खिताब
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 15 मार्च 2026,
गयाजी; दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के स्कूल ऑफ लॉ एंड गवर्नेंस की मूट कोर्ट सोसाइटी द्वारा National Human Rights Commission के सहयोग से आयोजित प्रथम एनएचआरसी–सीयूएसबी राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता 2026 में Chanakya National Law University (सीएनएलयू) पटना ने चैंपियन का खिताब अपने नाम किया। विजेता टीम को 51 हजार रुपये नकद, ट्रॉफी और उत्कृष्टता प्रमाणपत्र प्रदान किया गया। इसके साथ ही उन्हें एससीसी ऑनलाइन वेब-एडिशन की एक वर्ष की मानार्थ सदस्यता भी दी गई।
उपविजेता रहा महाराष्ट्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी
प्रतियोगिता में Maharashtra National Law University उपविजेता रहा, जिसे 31 हजार रुपये की नकद राशि से सम्मानित किया गया। वहीं सर्वश्रेष्ठ वक्ता (महिला) श्रेणी में महाराष्ट्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की दो वक्ताओं तथा National Law Institute University भोपाल की एक वक्ता को 11 हजार रुपये की नकद राशि प्रदान की गई। सर्वश्रेष्ठ वक्ता (पुरुष) का पुरस्कार चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के प्रतिभागी को मिला।
विभिन्न श्रेणियों में भी दिए गए पुरस्कार
नवोदित श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ वक्ता का पुरस्कार महाराष्ट्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी भोपाल के दो वक्ताओं को संयुक्त रूप से दिया गया। वहीं सर्वश्रेष्ठ मेमोरियल का पुरस्कार Symbiosis Law School Nagpur को 18 हजार रुपये की नकद राशि के साथ प्रदान किया गया।
सेमीफाइनलिस्ट टीमों को उपलब्धि प्रमाणपत्र और क्वार्टर फाइनलिस्ट टीमों को मेरिट प्रमाणपत्र दिए गए। सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र के साथ एससीसी ऑनलाइन वेब-एडिशन का एक माह का एक्सेस भी दिया गया।
देशभर के 30 विश्वविद्यालयों ने लिया हिस्सा
सीयूएसबी के कुलपति कामेश्वर नाथ सिंह के संरक्षण में आयोजित इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देशभर के 30 विश्वविद्यालयों के विधि छात्र-छात्राओं ने भाग लिया, जिनमें राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, केंद्रीय और राज्य विश्वविद्यालय शामिल रहे।
मूट कोर्ट प्रतियोगिता का महत्व बताया
समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश हौसला प्रसाद सिंह उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि मूट कोर्ट प्रतियोगिताएं विधि छात्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती हैं और प्रभावी बहस ही एक सफल कानूनी करियर की आधारशिला है। विशिष्ट अतिथि के रूप में कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पूर्व विधि संकायाध्यक्ष S. D. शर्मा भी मौजूद रहे।
कुलपति ने छात्रों को किया प्रेरित
कुलपति प्रो. के. एन. सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि गलतियां सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा हैं और युवाओं को लगातार आगे बढ़ते रहना चाहिए। उन्होंने न्यायिक निर्णयों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के समय में “न्याय ही शक्ति है।”
कार्यक्रम के अंत में मूट कोर्ट सोसाइटी के फैकल्टी कोऑर्डिनेटर मणि प्रताप ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।