सीयूएसबी में ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन रिसर्च’ पर 15 दिवसीय रिफ्रेशर कोर्स सम्पन्न
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 13 मार्च 2026,
गयाजी; दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय के मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र (MMTTC) तथा Shyam Lal College के संयुक्त तत्वावधान में ‘Artificial Intelligence in Research’ विषय पर 15 दिवसीय रिफ्रेशर कोर्स का शुक्रवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। यह कार्यक्रम यूजीसी मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग प्रोग्राम (UGC-MMTTP), शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार की योजना के अंतर्गत आयोजित किया गया।
कार्यक्रम को विश्वविद्यालय के कुलपति कामेश्वर नाथ सिंह और श्याम लाल कॉलेज के प्राचार्य आर. एन. कर के नेतृत्व में ऑनलाइन माध्यम से प्रभावी ढंग से संपन्न कराया गया। इस कार्यशाला में देश के 23 राज्यों से 130 से अधिक प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
शोध और शिक्षा में एआई की भूमिका पर चर्चा
अपने अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह ने 21वीं सदी की चुनौतियों और आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आत्मनिर्भर भारत तथा विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में शिक्षकों के सतत व्यावसायिक विकास कार्यक्रमों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।
वहीं प्राचार्य प्रो. आर.एन. कार ने डिजिटल युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के शिक्षण एवं शोध में बढ़ते महत्व को रेखांकित करते हुए इसके नैतिक और सामाजिक पहलुओं पर भी विशेष बल दिया।
48 विशेषज्ञों ने दिए व्याख्यान
जनसंपर्क पदाधिकारी मो0 मुद्दसिर आलम ने बताया कि रिफ्रेशर कोर्स में कुल 48 तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें देशभर के 48 विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। इसमें विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, पूर्व कुलपति, शिक्षाविद और शोधकर्ता शामिल रहे। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में पंकज अरोरा, चेयरपर्सन, एनसीटीई उपस्थित रहे, जबकि समापन सत्र के मुख्य अतिथि अखिलेश कुमार सिंह थे।
समाज और राष्ट्रहित से जुड़े शोध पर जोर
कार्यक्रम के दौरान इस बात पर विशेष बल दिया गया कि शोध से विकसित ज्ञान केवल शिक्षण-अधिगम तक सीमित न रहे, बल्कि उसका मूल्यांकन समाज और राष्ट्र के हितों को ध्यान में रखते हुए किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम का संचालन लेफ्टिनेंट डॉ. प्रज्ञा गुप्ता ने किया। वहीं उद्घाटन एवं समापन सत्र के अतिथियों का परिचय प्रो. कुशा तिवारी ने कराया। तकनीकी सत्रों के संचालन में डॉ. कविता अरोरा, डॉ. हिमांशी कार्ला और डॉ. श्रद्धा अग्रवाल सहित अन्य शिक्षकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम का समापन डॉ. मुक्ता रोहतगी, कार्यक्रम समन्वयक, वाणिज्य विभाग, श्याम लाल कॉलेज के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।