विष्णुपद कॉरिडोर के विकास को लेकर गयाजी में अहम बैठक, धार्मिक परंपराओं को सुरक्षित रखते हुए होगा विकास

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 09 मार्च 2026,

गयाजी; जिले में प्रस्तावित विष्णुपद कॉरिडोर परियोजना के विकास और सौंदर्यीकरण को लेकर सोमवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता शशांक शुभंकर ने की। बैठक में नगर आयुक्त, सदर अनुमंडल पदाधिकारी, विशेष कार्य पदाधिकारी, टाउन प्लानर, आर्किटेक्ट, पंडा-पुरोहित, संवाद सदन समिति के सदस्य, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न वार्ड पार्षदों सहित कई प्रमुख हितधारक उपस्थित रहे।

मंदिर परिसर की संरचना और परंपराओं को रखा जाएगा यथावत

बैठक में पिछले निर्णयों की समीक्षा करते हुए यह तय किया गया कि विष्णुपद मंदिर के गर्भगृह के चारों ओर स्थित 16 वेदियों को यथावत रखा जाएगा। साथ ही मंदिर परिसर की सीमा को आवश्यकता के अनुसार विस्तारित करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पिंडदान की पारंपरिक व्यवस्था को बरकरार रखते हुए यह अनुष्ठान पहले की तरह फल्गु नदी के तट पर ही कराया जाएगा।

विरासत संरचनाओं को संरक्षित रखने का प्रस्ताव

बैठक में मंदिर परिसर के निकट स्थित सिजुआर धर्मशाला को विरासत संरचना (Heritage Structure) के रूप में संरक्षित रखने का प्रस्ताव रखा गया। साथ ही आसपास के अन्य ऐतिहासिक भवनों की पहचान कर उन्हें भी संरक्षित करने की दिशा में काम करने पर सहमति बनी।

इसके अलावा मंदिर क्षेत्र में संचालित दुकानदारों और फेरीवालों को व्यवस्थित रूप से पुनर्गठित करने की योजना पर भी चर्चा हुई, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। पिंडदान करने आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त छायादार शेड की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा विष्णुपद कॉरिडोर

प्रस्तावित कॉरिडोर को आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाने के लिए कई व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की योजना है। इनमें कैस्केड लाइटिंग सिस्टम, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, चेंजिंग रूम, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP), भूमिगत ड्रेनेज और सीवर नेटवर्क, CCTV निगरानी, अग्निशमन केंद्र, पुलिस स्टेशन, सुरक्षा जांच चौकियां, हेल्प डेस्क, लॉस्ट एंड फाउंड सेंटर और पार्किंग सुविधाएं शामिल होंगी। इसके साथ ही सीताकुंड, मंगलागौरी मंदिर और अक्षयवट को भी इस कॉरिडोर परियोजना के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव पर सहमति बनी।

धार्मिक विरासत और तीर्थ परंपराओं की सुरक्षा पर जोर

बैठक में सभी सदस्यों ने इस बात पर जोर दिया कि विकास कार्यों के दौरान पिंडदान और पितृपक्ष से जुड़ी धार्मिक एवं पौराणिक परंपराओं की पवित्रता को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाए।
इसके अलावा कुछ सदस्यों ने सुझाव दिया कि सीताकुंड बाईपास और मानपुर बाईपास के बीच फल्गु नदी के मध्य भाग में भगवान विष्णु की भव्य पेडेस्टल प्रतिमा स्थापित करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया जाए।

फल्गु नदी के जल को स्वच्छ रखने की पहल

फल्गु नदी में जमा स्थिर जल को स्वच्छ बनाए रखने के लिए एरेटर (Aerators) लगाने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। इस संबंध में परियोजना की परामर्शदाता संस्था HCP Design Planning and Management Pvt Ltd से इसे अपनी योजना में शामिल करने का अनुरोध किया गया।

जिला प्रशासन ने कहा कि विष्णुपद कॉरिडोर परियोजना का उद्देश्य गयाजी की धार्मिक विरासत और सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए तीर्थयात्रियों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाओं का विकास करना है।

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