गयाजी में दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम का शुभारंभ, उपराष्ट्रपति बोले— चुनाव जीतना पहली सीढ़ी, जनता का विश्वास सेवा से मिलता है
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 11 जुलाई 2026,
गयाजी: बिहार विधान सभा सचिवालय, लोकसभा सचिवालय की संस्था PRIDE एवं बिपार्ड, गयाजी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम का शनिवार को भव्य शुभारंभ भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने किया। कार्यक्रम का उद्देश्य बिहार विधान सभा के माननीय सदस्यों को संसदीय कार्यप्रणाली, संवैधानिक दायित्वों और आधुनिक संसदीय तकनीकों से प्रशिक्षित एवं सशक्त बनाना है।
अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने गयाजी की गौरवशाली विरासत का किया उल्लेख
कार्यक्रम के स्वागत भाषण में बिहार विधान सभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने गयाजी को धर्म, ज्ञान, करुणा और मोक्ष की भूमि बताते हुए कहा कि भारत में लोकतंत्र की जड़ें अत्यंत प्राचीन हैं। उन्होंने वेद, पुराण और रामायण का उल्लेख करते हुए कहा कि संवाद, आत्मचिंतन और सतत सीखने की परंपरा ही लोकतंत्र को मजबूत बनाती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह प्रबोधन कार्यक्रम जनप्रतिनिधियों की कार्यक्षमता और सदन की प्रभावशीलता को नई दिशा देगा।
उपराष्ट्रपति का संदेश— सेवा और संवेदनशील नेतृत्व से जीतें जनता का दिल
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने कहा कि चुनाव मतों से जीते जाते हैं, लेकिन जनता का स्थायी विश्वास केवल सेवा और संवेदनशील नेतृत्व से ही अर्जित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बिहार का विकास इस प्रकार होना चाहिए कि यहां के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन न करना पड़े, बल्कि अन्य राज्यों के लोग बिहार में अवसर तलाशने आएं। उन्होंने गयाजी की आध्यात्मिक और ऐतिहासिक विरासत की भी सराहना की।
राज्यपाल ने एआई और आधुनिक प्रशिक्षण की आवश्यकता बताई
बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सय्यद अता हसनैन ने कहा कि तेजी से बदलते तकनीकी दौर में निरंतर प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के बढ़ते प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों को भी समय के साथ स्वयं को आधुनिक तकनीकों के अनुरूप तैयार करना होगा।
मुख्यमंत्री ने नियमित उपस्थिति और विकास की रणनीति पर दिया जोर
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से सदन की कार्यवाही में नियमित भागीदारी सुनिश्चित करने और अपने-अपने क्षेत्रों के विकास के लिए हर वर्ष ठोस एवं व्यवहारिक रणनीति तैयार करने का आह्वान किया।
उपमुख्यमंत्री ने संविधान संशोधन पर रखा सुझाव
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने विधायिका और कार्यपालिका के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल देते हुए संविधान के अनुच्छेद 104 एवं 193 में समयानुकूल संशोधन पर विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि संविधान के प्रथम संशोधन को अपनाने का ऐतिहासिक गौरव बिहार को प्राप्त है।
वृक्षारोपण और तकनीकी सत्र बने आकर्षण का केंद्र
उद्घाटन सत्र के बाद अतिथियों ने बिपार्ड परिसर में वृक्षारोपण किया तथा समूह छायाचित्र में भाग लिया। इसके बाद आयोजित तकनीकी सत्रों में लोकसभा सचिवालय की संस्था PRIDE के विशेषज्ञों ने संसदीय प्रक्रिया, सदस्यों के कर्तव्य, आचार संहिता, प्रश्नकाल, कार्यपालिका की जवाबदेही तथा नेवा (NeVA) जैसी आधुनिक डिजिटल संसदीय प्रणालियों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया।
जनप्रतिनिधियों ने पूछे सवाल, विशेषज्ञों ने दिए व्यावहारिक उत्तर
प्रशिक्षण सत्रों के दौरान विधायकों ने संसदीय कार्यप्रणाली, विधायी दायित्वों और जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे। विशेषज्ञों ने विधिक, प्रशासनिक और व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से जानकारी देते हुए उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया।
कृषि मंत्री समेत कई जनप्रतिनिधियों ने रखे विचार
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि यह प्रबोधन कार्यक्रम जनप्रतिनिधियों को अपने संवैधानिक दायित्वों का अधिक प्रभावी और संवेदनशील ढंग से निर्वहन करने में सहायक होगा। इस अवसर पर उप मुख्य सचेतक मंजीत कुमार सिंह, विधायक अजय कुमार तथा बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के अंत में बिहार विधान सभा के उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
