जहानाबाद में रेबिज उन्मूलन को लेकर स्वास्थ्य अधिकारियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
आर्यावर्त वाणी | जहानाबाद | 20 फरवरी 2026,
जहानाबाद: जिले में रेबिज रोग की रोकथाम एवं नियंत्रण को मजबूत करने के उद्देश्य से दिनांक 20 फरवरी 2026 को सदर अस्पताल जहानाबाद परिसर स्थित जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र में National Rabies Control Programme के अंतर्गत एक दिवसीय प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सिविल सर्जन, जहानाबाद के निर्देशानुसार आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के सभी प्रखंडों से प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सक तथा 24×7 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सा पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य रेबिज रोग की रोकथाम, उपचार प्रोटोकॉल, लक्षणों की पहचान, समयबद्ध रिपोर्टिंग तथा वर्ष 2030 तक रेबिज उन्मूलन के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा करना था।
प्रशिक्षण के दौरान एंटी रेबिज वैक्सीन (ARV) एवं रेबिज इम्यूनोग्लोबुलीन (RIG) के समय पर उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डेढ़सैया (काको) के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विश्वजीत कुमार ने रेबिज उपचार प्रोटोकॉल पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण देते हुए कुत्ता काटने की घटनाओं को कैटेगरी I, II एवं III में वर्गीकृत कर उपचार प्रक्रिया को स्पष्ट किया।
कार्यक्रम में जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट आलोक कुमार ने डॉग बाइट मामलों के संस्थान स्तर पर रजिस्टर संधारण, मासिक रिपोर्टिंग तथा आईएचआईपी पोर्टल पर ऑनलाइन एंट्री की प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने सभी स्वास्थ्य संस्थानों से प्रत्येक डॉग बाइट मामले का सही एवं समय पर पंजीकरण सुनिश्चित करने का अनुरोध किया। साथ ही आशा कार्यकर्ताओं एवं फ्रंटलाइन हेल्थ वर्करों के माध्यम से आमजन को रेबिज के प्रति जागरूक करने पर बल दिया गया।
बताया गया कि यदि किसी व्यक्ति को कुत्ता, बिल्ली, बंदर या अन्य जानवर काट लें, तो प्रभावित स्थान को तुरंत 15–20 मिनट तक साबुन और बहते पानी से धोकर एंटीसेप्टिक लगाएं तथा नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकीय परामर्श अवश्य लें। घरेलू उपचार या झाड़-फूंक से बचने की सलाह दी गई।
कार्यक्रम में जिला डाटा प्रबंधक संदीप कुमार रौशन, ADRI टीम एवं अन्य संबंधित स्वास्थ्य कर्मियों की सक्रिय सहभागिता रही। प्रशिक्षण का समापन रेबिज मुक्त समाज के संकल्प के साथ किया गया।