मगध में पुलिसिंग का नया मॉडल: एक माह में 5 हजार से अधिक लोगों से संवाद, 5 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 12 जून 2026,
गयाजी: आज ही के दिन 12 मई 2026 को पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) मगध क्षेत्र का प्रभार ग्रहण करने के बाद विकास वैभव ने अपराध नियंत्रण, पुलिस जवाबदेही और जन-केंद्रित पुलिसिंग को प्राथमिकता देते हुए कई महत्वपूर्ण पहल शुरू कीं। मगध क्षेत्र के गयाजी, औरंगाबाद, नवादा, जहानाबाद और अरवल जिलों में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ निवेशकों के लिए भयमुक्त और विश्वासयुक्त वातावरण बनाने की दिशा में व्यापक अभियान चलाया गया।
प्राथमिकी दर्ज करने में लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस
आईजी ने सभी पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि प्राथमिकी दर्ज करने में अनावश्यक विलंब, अपराध की धाराओं को कमजोर करना, अवैध वसूली, महत्वपूर्ण घटनाओं की सूचना छिपाना और निष्पक्ष जांच में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लंबित कांडों के निष्पादन, वारंट तामिला, भूमि विवादों के समाधान, यातायात व्यवस्था और अवैध शराब के खिलाफ अभियान तेज करने पर भी जोर दिया गया।
जनता दरबार में पहुंचे 5 हजार से अधिक लोग
जनसंपर्क और शिकायत निवारण को प्राथमिकता देते हुए आईजी कार्यालय में नियमित जनता दरबार आयोजित किया गया। एक माह के दौरान 5 हजार से अधिक लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं। इस दौरान 1196 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनके निष्पादन के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया। इसके अलावा 188 महत्वपूर्ण कांडों और 9 संवेदनशील आवेदनों की विशेष समीक्षा की गई।
पांच जिलों में समीक्षा बैठक, जवाबदेही पर जोर
गयाजी, औरंगाबाद, अरवल, नवादा और जहानाबाद में जिला स्तरीय समीक्षा बैठकें आयोजित कर अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों, अनुसंधान की प्रगति और विधि-व्यवस्था की समीक्षा की गई। आईजी ने अधिकारियों को परिणाम आधारित कार्य संस्कृति अपनाने तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
अनुशासनहीनता पर कार्रवाई, पांच पुलिस पदाधिकारी निलंबित
पुलिस विभाग में पारदर्शिता और अनुशासन कायम रखने के लिए एक माह के दौरान पांच पुलिस पदाधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। गयाजी के कोंच थाना के अनुसंधानकर्ता, जहानाबाद साइबर थाना के पुलिस निरीक्षक, नगर अंचल जहानाबाद के अंचल निरीक्षक और अनुसंधानकर्ता तथा गयाजी के बुनियादगंज थानाध्यक्ष को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू करने का आदेश दिया गया।
गंभीर अपराधों के उद्भेदन के लिए गठित हुई SIT
नवादा में पुलिस टीम पर हमले और गयाजी के गुरुआ में स्वर्ण व्यवसायी लूटकांड जैसे मामलों का आईजी ने स्वयं स्थल निरीक्षण किया। गंभीर मामलों के त्वरित उद्भेदन के लिए विशेष अनुसंधान दल (SIT) का गठन किया गया। औरंगाबाद एवं गयाजी के कई महत्वपूर्ण मामलों में एसआईटी ने कार्रवाई करते हुए अपहृत बच्चों की सकुशल बरामदगी सहित उल्लेखनीय सफलता हासिल की। चार वर्ष पूर्व अपहृत एक बालक की बरामदगी भी पुलिस की बड़ी उपलब्धि रही।
लोक संवाद गोष्ठी से पुलिस-जनता के बीच बढ़ा विश्वास
आईजी के निर्देश पर मगध क्षेत्र के सभी थानों में प्रत्येक माह के प्रथम शनिवार को ‘लोक संवाद गोष्ठी’ आयोजित की जा रही है। इन कार्यक्रमों में आम नागरिकों, वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और अप्रवासी भारतीयों की समस्याएं सुनकर उनके समाधान की पहल की जा रही है। स्वयं आईजी विकास वैभव ने कई थाना क्षेत्रों में आयोजित गोष्ठियों में भाग लेकर लोगों से सीधा संवाद किया।
सहयोग शिविरों से प्रशासन और जनता के बीच मजबूत हुआ संवाद
लखनपुर, मायापुर, बेलागंज, चेरकी और चंदौती सहित कई क्षेत्रों में जिला प्रशासन के सहयोग से विशेष शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों के माध्यम से स्थानीय समस्याओं का समाधान करने और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
निवेश और विकास के लिए सुरक्षित वातावरण बनाने पर जोर
आईजी ने स्पष्ट किया है कि कानून का राज स्थापित करना, अपराधियों पर कठोर कार्रवाई करना और नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुलिस प्रशासन का मानना है कि सुरक्षित और विश्वासयुक्त माहौल बनने से क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा, नए उद्योग और स्टार्टअप स्थापित होंगे तथा रोजगार के अवसरों का सृजन होगा।
एक माह में दिखी जनोन्मुखी पुलिसिंग की झलक
विगत एक माह के दौरान की गई कार्रवाइयों से यह संकेत मिला है कि मगध क्षेत्र में पुलिसिंग को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और जन-केंद्रित बनाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। जनता दरबार, लोक संवाद गोष्ठी, अनुशासनात्मक कार्रवाई और गंभीर अपराधों की निगरानी जैसी पहलें पुलिस और जनता के बीच विश्वास मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं।
