सरस्वती पूजा को लेकर अनुमंडल पदाधिकारी जहानाबाद की अध्यक्षता में शांति समिति की बैठक
आर्यावर्त वाणी | जहानाबाद | 21 जनवरी 2026,
जहानाबाद; सरस्वती पूजा 2026 को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से गृह विभाग, बिहार सरकार तथा जिला पदाधिकारी, जहानाबाद के निर्देशानुसार अनुमंडल पदाधिकारी जहानाबाद राजीव रंजन सिन्हा की अध्यक्षता में उनके कार्यालय प्रकोष्ठ में शांति समिति के सदस्यों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी शांति समिति के सदस्यों को दी गई।
अनुमंडल पदाधिकारी ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि जिन-जिन स्थानों पर सरस्वती प्रतिमा की स्थापना की जानी है, संबंधित पूजा समिति अनिवार्य रूप से अपने-अपने थाना से पूर्व में अनुज्ञप्ति प्राप्त कर लें। बिना अनुमति किसी भी स्थान पर मूर्ति स्थापना की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने यह भी सख्त चेतावनी दी कि किसी भी पूजा पंडाल में फूहड़ अथवा अश्लील गानों का प्रयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा कहीं भी डीजे की कोई अनुज्ञप्ति जारी नहीं की जा रही है, इसलिए पूजा या विसर्जन के दौरान डीजे का प्रयोग किसी भी परिस्थिति में नहीं किया जाएगा। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित समिति के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अनुमंडल पदाधिकारी ने जानकारी दी कि मूर्ति स्थापना अथवा मूर्ति विसर्जन जुलूस के लिए अनुज्ञप्ति लेने वाले प्रत्येक व्यक्ति को अपना आधार कार्ड संबंधित थाना में जमा करना अनिवार्य होगा। साथ ही सभी मूर्तियों का विसर्जन हर हाल में दिनांक 24 जनवरी 2026 तक कर लिया जाना सुनिश्चित किया जाएगा।
मूर्ति विसर्जन के संबंध में उन्होंने निर्देश दिया कि विसर्जन स्थल का स्पष्ट उल्लेख अनुज्ञप्ति आवेदन में करना होगा तथा जिस मार्ग से मूर्ति विसर्जन जुलूस निकाला जाएगा, उसका रूट चार्ट भी संबंधित थाना को पूर्व में उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त प्रत्येक पूजा समिति को अपने-अपने पूजा पंडाल में शामिल सभी सदस्यों, आयोजकों एवं कार्यकर्ताओं के लिए पहचान पत्र जारी कर उन्हें उपलब्ध कराना होगा।
अंत में अनुमंडल पदाधिकारी ने शांति समिति के सदस्यों से प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने, अफवाहों पर ध्यान न देने तथा किसी भी प्रकार की असामाजिक गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस अथवा प्रशासन को देने की अपील की, ताकि सरस्वती पूजा शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण ढंग से संपन्न कराई जा सके।