जहानाबाद हॉस्टल कांड में बड़ा खुलासा: UKG छात्र से दुष्कर्म के बाद हत्या, कैटिन गार्ड गिरफ्तार
आर्यावर्त वाणी | जहानाबाद | 10 अप्रैल 2026,
जहानाबाद; जिले के कड़ौना थाना क्षेत्र अंतर्गत कनौदी स्थित गुरुकुल हॉस्टल में 6 अप्रैल को एक मासूम छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया।
आक्रोशित ग्रामीणों ने एनएच-22 को जाम कर दिया था, जिसे पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर समझा-बुझाकर हटवाया। उसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेजा गया।
POCSO एक्ट में केस दर्ज, संचालक गिरफ्तार
मृतक के पिता के आवेदन पर कड़ौना थाना में कांड संख्या 321/26 दर्ज किया गया। मामला पॉक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में दर्ज हुआ। प्राथमिकी के आधार पर हॉस्टल संचालक तरुण कुमार उर्फ गांधी सर को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। साथ ही मामले की जांच के लिए एसआईटी (SIT) का गठन किया गया।
जांच में बड़ा खुलासा, कैटिन गार्ड ने कबूला जुर्म
पुलिस जांच के दौरान हॉस्टल के कैंटीन गार्ड मुकेश कुमार उर्फ सुदामा (46 वर्ष) को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपराध स्वीकार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि व्यक्तिगत कारणों और मानसिक कुंठा के चलते उसने इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया।
हत्या के पीछे सामने आए कारण
पुलिस के अनुसार आरोपी पारिवारिक रूप से अकेला था और मानसिक रूप से असामान्य व्यवहार करता था वहीं स्कूल के बच्चों द्वारा चिढ़ाए जाने से कुंठित रहता था। दूसरे में हॉस्टल संचालक से विवाद के कारण संस्थान को बदनाम कर बंद कराने की भी मंशा रखता था
वैज्ञानिक साक्ष्यों से हुई पुष्टि
मामले में विधि-विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) की जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं:
🔹आरोपी के तकिए के कवर पर खून के धब्बे पाए गए
🔹रसोई के पाइप में खून के अंश की पुष्टि हुई
🔹सीसीटीवी फुटेज में आरोपी की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं
🔹पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म और हत्या की पुष्टि
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छात्र के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या किए जाने की पुष्टि हुई है, जिससे मामला और भी गंभीर हो गया है।
सख्त कार्रवाई की तैयारी
पुलिस प्रशासन ने आरोपी के खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाकर सख्त से सख्त सजा दिलाने की बात कही है। वहीं जिला प्रशासन द्वारा सभी हॉस्टलों की जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था बल्कि बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। हालांकि, पुलिस की त्वरित कार्रवाई और वैज्ञानिक जांच से मामले का खुलासा हुआ है, अब सभी की नजर न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी है।
