मैट्रिक में फर्स्ट डिवीजन से पास होने की खुशी बदली मातम में, ट्रैक्टर की चपेट में आकर दो किशोरों की मौत
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 31 मार्च 2026,
गयाजी; जिले में खुशी का माहौल उस समय मातम में बदल गया, जब मैट्रिक परीक्षा में प्रथम श्रेणी से पास होने के बाद मिठाई खरीदने निकले तीन दोस्तों की सड़क हादसे में जिंदगी उजड़ गई। हादसे में दो किशोरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीसरा गंभीर रूप से घायल है।
मिठाई खरीदने निकले थे तीनों दोस्त
घटना फतेहपुर थाना क्षेत्र के पहाड़पुर-केवला सड़क मार्ग स्थित चपरी मोड़ के पास की है। जानकारी के अनुसार, धरहरा कला पंचायत के राघवाचक गांव निवासी राहुल कुमार (15 वर्ष), रोशन कुमार (14 वर्ष) और विपिन कुमार (16 वर्ष) मैट्रिक परीक्षा में प्रथम श्रेणी से पास हुए थे। खुशी में तीनों एक ही बाइक पर सवार होकर शिक्षकों और दोस्तों को मिठाई खिलाने के लिए बाजार जा रहे थे।
ओवरटेक के दौरान हुआ हादसा
इसी दौरान चपरी मोड़ के पास ओवरटेक करने के क्रम में उनकी बाइक एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर की चपेट में आ गई। हादसा इतना भयावह था कि ट्रैक्टर का पहिया चढ़ने से राहुल और रोशन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि विपिन गंभीर रूप से घायल होकर पास के खेत में जा गिरा।
गांव में पसरा मातम
घटना की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। एक ही गांव के दो किशोरों की मौत से पूरे राघवाचक गांव में मातम छा गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
आज होना था सम्मान समारोह
बताया जा रहा है कि तीनों छात्रों को उनकी सफलता के लिए मंगलवार को एक संस्थान द्वारा सम्मानित किया जाना था, लेकिन उससे पहले ही यह दर्दनाक हादसा हो गया।
आक्रोशित लोगों ने किया सड़क जाम
हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया और मुआवजे के साथ ट्रैक्टर चालक की गिरफ्तारी की मांग की। करीब दो घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही। सूचना पर पहुंची पुलिस ने समझा-बुझाकर जाम समाप्त कराया।
ट्रैक्टर चालक फरार, जांच जारी
ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में अवैध मिट्टी ढुलाई करने वाले ट्रैक्टर तेज रफ्तार से चलते हैं, जिससे आए दिन हादसे होते हैं। घटना के बाद ट्रैक्टर चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और चालक की तलाश की जा रही है।
ग्रामीणों का आरोप नाबालिगों से चलवाया जाता है ट्रैक्टर
घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्र में कम उम्र के बच्चों से ट्रैक्टर चलवाना आम बात हो गई है। उनका कहना है कि सस्ते मजदूरी के लालच में जानबूझकर नाबालिग बच्चों को वाहन संचालन के लिए लगाया जाता है, जो न केवल अवैध है बल्कि बेहद खतरनाक भी है।
ग्रामीणों ने बताया कि कई बच्चों के पैर तक ट्रैक्टर के ब्रेक या क्लच तक ठीक से नहीं पहुंच पाते, ऐसे में वे ईंटों का सहारा लेकर किसी तरह वाहन चलाते हैं। यह स्थिति न सिर्फ उनकी जान जोखिम में डालती है, बल्कि आसपास के लोगों के लिए भी खतरा पैदा करती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से इस पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि ऐसे गैर-जिम्मेदाराना रवैये पर तुरंत रोक लगाई जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
