गयाजी के ओटीए गेट न0 5 पर लगा गलत सूचना वाला साइनबोर्ड, प्रशासन की लापरवाही उजागर

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 10 अप्रैल 2026,

गयाजी: शहर के बायपास रोड स्थित ओटीए गेट नंबर 5 के पास लगा एक साइनबोर्ड इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। इस बोर्ड पर प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर की दूरी 27 किलोमीटर दर्शाई गई है, जबकि वास्तविक दूरी महज 4 से 5 किलोमीटर के आसपास ही है। यह साइनबोर्ड पितृपक्ष महासंगम के संदर्भ में भी दिशा-निर्देश देता है, जिससे इसकी गंभीरता और बढ़ जाती है क्योंकि गयाजी आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह जानकारी अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।

रोजाना सैकड़ों लोगों की नजर, फिर भी अनदेखी

यह बोर्ड ऐसे स्थान पर लगा है जहां से प्रतिदिन सैकड़ों वाहन गुजरते हैं। आम लोगों के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारी भी इसी मार्ग से आते-जाते होंगे, लेकिन अब तक किसी की नजर इस स्पष्ट त्रुटि पर नहीं पड़ी या फिर इसे नजरअंदाज किया गया।

श्रद्धालुओं और पर्यटकों में भ्रम की स्थिति

गयाजी एक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल है, जहां देश-विदेश से लोग पिंडदान और दर्शन के लिए आते हैं। ऐसे में इस तरह की गलत जानकारी न केवल श्रद्धालुओं को भ्रमित करती है, बल्कि शहर की छवि पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती है।

पर्यटकों को यह लग सकता है कि मंदिर काफी दूर है, जिससे वे भ्रमित होकर अपनी यात्रा योजना बदल सकते हैं। इतना ही नहीं, असामाजिक तत्व इस गलत जानकारी का फायदा उठाकर बाहरी लोगों को गुमराह भी कर सकते हैं।

किसकी है जिम्मेदारी?

सवाल उठता है कि आखिर इस तरह की चूक के लिए जिम्मेदार कौन है? यह साइनबोर्ड पथ निर्माण विभाग द्वारा लगाया गया है, ऐसे में विभागीय अधिकारियों की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है। क्या बोर्ड लगाने के बाद इसकी जांच नहीं की गई?क्या समय-समय पर ऐसे संकेतकों का निरीक्षण नहीं होता?

तत्काल सुधार की आवश्यकता

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की गलतियां छोटे स्तर की लग सकती हैं, लेकिन इसका प्रभाव व्यापक होता है। प्रशासन को चाहिए कि वह इस बोर्ड को तुरंत सही कराए और भविष्य में ऐसी त्रुटियों से बचने के लिए नियमित निरीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करे।

गयाजी जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध धार्मिक स्थल में इस प्रकार की लापरवाही कहीं न कहीं व्यवस्था की कमजोरी को उजागर करती है। अगर समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह छोटी सी गलती शहर की साख को नुकसान पहुंचा सकती है।

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