सीयूएसबी के डॉ. हरेश नारायण पांडेय ने अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में प्रस्तुत किया शोधपत्र

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 19 मार्च 2026,

गयाजी; दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के समाजशास्त्रीय अध्ययन विभाग के सह प्राध्यापक डॉ. हरेश नारायण पांडेय ने सिंगापुर और मलेशिया में आयोजित तृतीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में अपने शोधपत्र प्रस्तुत कर विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व किया। यह सम्मेलन साउथ एशियन सोशियोलॉजिकल सोसाइटी के तत्वावधान में आयोजित किया गया था।

वैश्वीकरण और भारतीय ज्ञान प्रणाली पर रखा शोधपत्र

सम्मेलन में डॉ. पांडेय ने संसाधन व्यक्ति के रूप में “वैश्वीकरण, भारतीय ज्ञान प्रणाली और सांस्कृतिक गतिशीलता: एक शास्त्रीय परिप्रेक्ष्य” विषय पर अपना शोधपत्र प्रस्तुत किया। इस शोधपत्र में भारतीय ज्ञान प्रणाली के संदर्भ में मानव जीवन की दार्शनिक समझ को रेखांकित करते हुए बताया गया कि जीवन में केवल भौतिक उपलब्धियों पर नहीं, बल्कि आध्यात्मिक विकास और उन्नति पर भी बल दिया जाना चाहिए, जो स्थायी शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है।

प्लेनरी सत्र में भी निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

सीयूएसबी के जनसंपर्क पदाधिकारी मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि डॉ. पांडेय ने मलेशिया के क्वालालम्पुर में आयोजित प्लेनरी सत्र-3 में “दक्षिण एशिया में यूरोकेन्द्रित ज्ञानमीमांसा” विषय पर संसाधन व्यक्ति के रूप में भी भाग लिया। इसके अलावा उन्होंने “विज्ञान, प्रौद्योगिकी और समाज: समावेशी एवं सतत भविष्य के लिए ज्ञान, शक्ति और नवाचार का पुनर्विचार” विषय पर आयोजित एक सत्र की सह-अध्यक्षता भी की।

कुलपति ने दी बधाई

सीयूएसबी के कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह ने डॉ. हरेश नारायण पांडेय को अंतरराष्ट्रीय मंच पर विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करने और अपने शोधकार्य से संस्थान का गौरव बढ़ाने के लिए बधाई दी।

वैश्विक अकादमिक सहयोग पर दिया जोर

डॉ. पांडेय ने सम्मेलन के दौरान विभिन्न वैश्विक विश्वविद्यालयों के साथ अकादमिक शिक्षण, शोध सहयोग और व्यावसायिक उत्कृष्टता के लिए नेटवर्किंग को भी महत्वपूर्ण बताया।

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