सीयूएसबी में ‘भोजन, ग्रह और पृथ्वी’ विषय पर संगोष्ठी, वेगनिज़्म और पर्यावरण पर हुई चर्चा
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 24 अप्रैल 2026,
गयाजी; सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ बिहार (सीयूएसबी) की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा शुक्रवार को ‘भोजन, ग्रह और पृथ्वी’ विषय पर एक संगोष्ठी/वेबिनार का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम हाइब्रिड मोड (ऑफलाइन एवं ऑनलाइन) में स्कूल ऑफ एजुकेशन के शारीरिक शिक्षा विभाग में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम का संचालन एनएसएस समन्वयक प्रो. उषा तिवारी तथा कार्यक्रम समन्वयक डॉ. राहुल सिंह के मार्गदर्शन में किया गया। जन संपर्क पदाधिकारी मोहम्मद मुदस्सीर आलम के अनुसार, इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में वेगन (शाकाहार समर्थक) नीरजा ढिल्लों शामिल हुईं।
वेगनिज़्म और पर्यावरणीय स्थिरता पर जोर
मुख्य वक्ता नीरजा ढिल्लों ने अपने व्याख्यान में वेगनिज़्म के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने खाद्य प्रणालियों, पर्यावरणीय स्थिरता और पशुओं के नैतिक व्यवहार के बीच संबंधों को रेखांकित किया। साथ ही, खाद्य उद्योग में बढ़ती मांग के कारण पशु-आधारित उत्पादों से जुड़े नैतिक मुद्दों पर भी प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि कई बार पशुओं को अप्राकृतिक परिस्थितियों में रखा जाता है और उत्पादन बढ़ाने के लिए रासायनिक इंजेक्शन एवं कृत्रिम तरीकों का उपयोग किया जाता है। ऐसे में क्रूरता-मुक्त और पर्यावरण के अनुकूल खाद्य विकल्प अपनाने की आवश्यकता है।
छात्रों की रही सक्रिय भागीदारी
वेबिनार के दौरान प्रश्नोत्तर सत्र में छात्रों ने सक्रिय भागीदारी करते हुए कई महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे और विषय पर गहन चर्चा की। कार्यक्रम ने प्रतिभागियों को शाकाहार, स्थिरता और नैतिक खाद्य प्रथाओं के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम का समापन शारीरिक शिक्षा के शोधार्थी अनंत सांडिल्य द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। यह संगोष्ठी ज्ञानवर्धक और विचारोत्तेजक साबित हुई, जिसने प्रतिभागियों को पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदार खाद्य विकल्पों की दिशा में सोचने के लिए प्रेरित किया।
