आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ मनाया गया 17वां स्थापना दिवस
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 27 फरवरी 2026,
गयाजी; दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) ने शुक्रवार 27 फरवरी 2026 को अपना 17वां स्थापना दिवस उत्साह और गरिमा के साथ मनाया। विश्वविद्यालय के कुलपति कामेश्वर नाथ सिंह के संरक्षण में आयोजित समारोह में सिक्किम एवं मेघालय के पूर्व राज्यपाल गंगा प्रसाद मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि गंगा प्रसाद ने अपने संबोधन में कहा कि भारत ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और इस अभियान में उच्च शिक्षण संस्थानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि सीयूएसबी ने शिक्षा और शोध के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर बिहार को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा केवल व्यक्तिगत सफलता का माध्यम नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण का आधार है।
शिक्षा के साथ जिम्मेदार नागरिक निर्माण पर जोर
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि ने छात्रों को ‘कर्तव्य ही धर्म है’ का संदेश देते हुए समाज और राष्ट्र के प्रति दायित्व निभाने की प्रेरणा दी। उन्होंने शिक्षकों से भी आग्रह किया कि वे छात्रों को संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करें।
कुलपति ने बताई विश्वविद्यालय की 17 वर्षों की उपलब्धियां
अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह ने विश्वविद्यालय की विकास यात्रा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय को National Assessment and Accreditation Council (नैक) द्वारा ए++ ग्रेड प्रदान किया गया है तथा University Grants Commission (यूजीसी) ने इसे श्रेणी-1 विश्वविद्यालय का दर्जा दिया है।
उन्होंने कहा कि स्थापना दिवस केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि आत्ममंथन और भविष्य की दिशा तय करने का अवसर है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं बल्कि जिम्मेदार और सक्षम नागरिक तैयार करना है।
कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय के विधि विभाग ने National Institutional Ranking Framework (एनआईआरएफ) में 23वां स्थान प्राप्त किया है, जबकि फार्मेसी विभाग ने राष्ट्रीय स्तर पर 63वां स्थान हासिल किया है।
प्रदर्शनी, सांस्कृतिक कार्यक्रम और छात्र सहभागिता रहे आकर्षण
जनसंपर्क पदाधिकारी मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि स्थापना दिवस समारोह के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में उत्सव का माहौल रहा। विभिन्न विभागों के छात्रों ने शोध परियोजनाओं, नवाचारों और उपलब्धियों से संबंधित स्टॉल लगाए। कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षणों में अतिथि व्याख्यान, विभागीय प्रदर्शनी, पारंपरिक खेल, हस्तशिल्प प्रदर्शनी, एग्रो टूर तथा फूड जंक्शन शामिल रहे। कार्यक्रम का समापन छात्रों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक संध्या के साथ हुआ।