सुरक्षित बचपन ही सशक्त समाज की नींव, छात्राओं को POCSO कानून के प्रति किया जागरूक : प्रधान जिला जज
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 30 अक्टूबर 2026,
गयाजी। बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से शुक्रवार को राजकीय कन्या +2 विद्यालय, रमना में ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के तहत विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (NALSA), नई दिल्ली एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गया द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में छात्राओं को POCSO अधिनियम और उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी दी गई।
बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों पर दिया जोर
कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गया डॉ. राकेश कुमार सिंह, प्राधिकार के सचिव अरविंद कुमार दास एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी कृष्ण मुरारी गुप्ता ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
अपने संबोधन में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. राकेश कुमार सिंह ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित वातावरण में रहने, शिक्षा प्राप्त करने और सम्मान के साथ आगे बढ़ने का अधिकार है। उन्होंने छात्राओं को अपनी सुरक्षा, शिक्षा और सम्मान के प्रति सजग रहने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार के शोषण, उत्पीड़न या अनुचित व्यवहार की स्थिति में चुप नहीं रहना चाहिए। इसकी जानकारी तत्काल अपने अभिभावकों, शिक्षकों अथवा संबंधित प्राधिकार को देनी चाहिए।
POCSO कानून की जानकारी होना जरूरी
कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act), व्यक्तिगत सुरक्षा और बाल संरक्षण से जुड़े कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही उन्हें अपने अधिकारों को समझने और किसी भी प्रतिकूल परिस्थिति में उचित सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया।
स्वागत गीत से अतिथियों का अभिनंदन
इस अवसर पर विद्यालय की प्राचार्या सरोज कुमारी ने अतिथियों को पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया, जिसकी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने सराहना की।
कार्यक्रम में शिल्पा भूषण, अरुण कुमार सिंह, पवन कुमार, पंकज कुमार सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे। वहीं, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के कर्मचारी विकास कुमार, प्रतुल कुमार, हारून रशीद, ऋतिक कुमार, जितेंद्र कुमार, अजय कुमार एवं अनिल कुमार ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाई।
जागरूकता से ही सुरक्षित बचपन की दिशा में मजबूत कदम
कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को यह संदेश दिया गया कि बच्चों की सुरक्षा केवल परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। कानूनी अधिकारों की जानकारी, समय पर शिकायत और जागरूकता के जरिए ही बच्चों को भयमुक्त एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सकता है।
