गयाजी में सांप के डसने से पति-पत्नी की मौत, चार बच्चों के सिर से उठा माता-पिता का साया; अस्पताल की व्यवस्था पर परिजनों ने उठाए सवाल
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 28 अक्टूबर 2026,
गयाजी। जिले के परैया थाना क्षेत्र के प्रभुआ गांव में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां सांप के डसने से पति-पत्नी दोनों की मौत हो गई। मंगलवार शाम हुई इस घटना में पहले पति मुन्ना प्रजापति ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती उनकी पत्नी सुषमा देवी की बुधवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है। दंपती के चार बच्चे हैं, जिनके सिर से माता-पिता का साया उठ गया है।
मंगलवार शाम सांप ने दोनों को डसा
मिली जानकारी के अनुसार, प्रभुआ गांव निवासी मुन्ना प्रजापति मिट्टी के कारोबार से जुड़े थे। इसी काम से होने वाली आमदनी से उनके परिवार का भरण-पोषण होता था। मंगलवार की शाम सांप ने मुन्ना प्रजापति और उनकी पत्नी सुषमा देवी को डस लिया। घटना के बाद आसपास के लोगों ने सांप को मार दिया।
जब लोग मुन्ना प्रजापति के पास पहुंचे, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। वहीं, सुषमा देवी की हालत गंभीर थी। परिजन उन्हें तत्काल मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उनका इलाज शुरू किया गया। रातभर डॉक्टरों की निगरानी में इलाज चलने के बावजूद बुधवार सुबह सुषमा देवी ने भी दम तोड़ दिया।
चार बच्चों के सिर से उठा माता-पिता का साया
इस हादसे ने परिवार को गहरे संकट में डाल दिया है। मृतक के चचेरे भाई प्रमोद प्रजापति के अनुसार, मुन्ना और सुषमा के चार बच्चे हैं, जिनमें तीन बेटियां और एक बेटा शामिल हैं। बड़ी बेटी की उम्र करीब 19 वर्ष है, जबकि बेटे की उम्र 16 वर्ष है। अन्य दोनों बेटियों की उम्र 14 और 12 वर्ष बताई गई है।
परिवार की आजीविका मुन्ना प्रजापति के मिट्टी के कारोबार पर निर्भर थी। ऐसे में पति-पत्नी दोनों की मौत से बच्चों के सामने भावनात्मक संकट के साथ भविष्य और भरण-पोषण की चिंता भी खड़ी हो गई है।
अस्पताल की व्यवस्था पर परिजनों ने उठाए सवाल
इस घटना के बाद परिजनों ने मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में इलाज की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मृतक के चचेरे भाई प्रमोद प्रजापति का आरोप है कि जब सुषमा देवी को अस्पताल लाया गया था, तब वह होश में थीं और बातचीत कर रही थीं। परिजनों का कहना है कि उन्होंने डॉक्टरों और अस्पताल कर्मियों को बार-बार बताया कि महिला को सांप ने काटा है और जल्द इलाज शुरू करने की गुहार लगाई।
प्रमोद प्रजापति के मुताबिक, परिजनों ने सांप का वीडियो और फोटो भी दिखाया, लेकिन उनके आरोप के अनुसार, करीब एक घंटे तक स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया गया और तत्काल इलाज शुरू नहीं हुआ। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महिला की हालत बिगड़ने के बाद सीपीआर देने की प्रक्रिया शुरू की गई। खून का नमूना लेने की कोशिश भी की गई, लेकिन कई प्रयासों के बावजूद कथित तौर पर खून नहीं निकाला जा सका।
परिजनों का कहना है कि यदि समय पर समुचित इलाज मिलता, तो शायद सुषमा देवी की जान बचाई जा सकती थी। हालांकि, अस्पताल में इलाज में देरी और उससे मौत के संबंध को लेकर इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अस्पताल प्रशासन का पक्ष भी उपलब्ध नहीं है।
जांच और जवाबदेही जरूरी
एक ही परिवार में पति-पत्नी दोनों की सांप के डसने से मौत की यह घटना बेहद दुखद है। जहां एक ओर परिवार ने अपने दो सदस्यों को खो दिया, वहीं चार बच्चों के भविष्य को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों की ओर से अस्पताल की व्यवस्था पर लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच होने पर ही इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही हुई या नहीं, यह स्पष्ट हो सकेगा।
