गयाजी में सुरक्षित बचपन अभियान: विद्यार्थियों को पॉक्सो अधिनियम और बाल अधिकारों के प्रति किया गया जागरूक

0
IMG-20261027-WA0000
Share with

आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 26 अक्टूबर 2026,

गयाजी। बच्चों को यौन शोषण से सुरक्षा, उनके कानूनी अधिकारों और संरक्षण से जुड़े प्रावधानों की जानकारी देने के उद्देश्य से गयाजी के +2 जिला स्कूल में सोमवार को ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के तहत विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गयाजी के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के प्रावधानों, सुरक्षित व्यवहार और किसी भी तरह के शोषण की स्थिति में शिकायत करने के तरीकों की जानकारी दी गई।

यह कार्यक्रम राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली और बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, पटना के निर्देशानुसार आयोजित किया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार के निर्देश तथा प्राधिकार के सचिव अरविंद कुमार दास की देखरेख में विद्यार्थियों को जागरूक करने की पहल की गई।

अनुचित व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाने का संदेश

कार्यक्रम में न्यायिक दंडाधिकारी मृणाल आर्यन, पैनल अधिवक्ता रविकांत और पैरा लीगल वॉलंटियर संतोष कुमार ने भाग लिया। उन्होंने विद्यार्थियों को बच्चों के अधिकारों, बाल यौन शोषण से संबंधित कानूनी प्रावधानों और सुरक्षा के उपायों के बारे में जानकारी दी।

विद्यार्थियों को बताया गया कि उन्हें किसी भी प्रकार के अनुचित व्यवहार के प्रति सजग रहना चाहिए। यदि उनके साथ या किसी अन्य बच्चे के साथ ऐसी घटना होती है, तो डर या संकोच के कारण चुप रहने के बजाय अभिभावकों, शिक्षकों अथवा संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी देनी चाहिए। कार्यक्रम में बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने और उनकी शिकायतों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।

बच्चों की सुरक्षा समाज की सामूहिक जिम्मेदारी

जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि बच्चों को यौन शोषण और अन्य प्रकार के दुर्व्यवहार से सुरक्षित रखना केवल परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। ऐसे अपराधों की रोकथाम के लिए बच्चों को कानून की जानकारी देना, उन्हें अपनी बात रखने के लिए प्रोत्साहित करना और समय पर शिकायत सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।

पॉक्सो अधिनियम बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण प्रदान करने के लिए बनाया गया है। इस कानून और उससे जुड़े अधिकारों की जानकारी विद्यार्थियों तक पहुंचाना उन्हें अपने संरक्षण के प्रति जागरूक बनाने की दिशा में अहम कदम है।

26 से 31 अक्टूबर तक स्कूलों में चलेगा अभियान

जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गयाजी की ओर से 26 से 31 अक्टूबर 2026 तक जिले के विभिन्न विद्यालयों में चरणबद्ध तरीके से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान के तहत विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों, बाल संरक्षण से जुड़े प्रावधानों और सहायता प्राप्त करने के उपलब्ध माध्यमों की जानकारी दी जा रही है।

इस पहल का उद्देश्य बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना और विद्यालयों में सुरक्षित वातावरण के निर्माण को बढ़ावा देना है, ताकि किसी भी प्रकार के शोषण की स्थिति में बच्चे उचित सहायता प्राप्त कर सकें।

इस अवसर पर विद्यालय की प्रभारी प्राचार्या कुमारी सरिता सहित प्रियंका कुमारी, उपेंद्र कुमार, गायत्री कुमारी और कुमारी पूनम उपस्थित रहीं। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गयाजी के कर्मचारी विकास कुमार, हारून रशीद, अनिल कुमार और अजय कुमार के साथ सेंटर डायरेक्टर एनजीओ के दिनेश कुमार राय भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

You cannot copy content of this page