बोधगया में औद्योगिक विकास को मिलेगी नई रफ्तार, ₹4,092 करोड़ के निवेश प्रस्तावों पर 12 कंपनियों से MoU
आर्यावर्त वाणी | बोधगया/गयाजी | 24 अक्टूबर 2026,
बोधगया, गयाजी। बिहार में औद्योगिक विकास को नई दिशा देने और राज्य को विनिर्माण एवं निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को बोधगया में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। वेलकम होटल बाय आईटीसी होटल्स में उद्योग विभाग, बिहार सरकार की ओर से बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी गया लिमिटेड (BIMCGL) के लोगो एवं वेब पोर्टल का शुभारंभ किया गया। साथ ही बिहार बिजनेस कनेक्ट (BBC) 2027 के कर्टन रेज़र समारोह का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में 12 औद्योगिक इकाइयों के साथ कुल ₹4,092 करोड़ के निवेश प्रस्तावों से संबंधित समझौता ज्ञापनों (MoUs) का आदान-प्रदान किया गया।
इस पहल से गयाजी और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार, विनिर्माण इकाइयों की स्थापना तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, इन निवेश प्रस्तावों का वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि परियोजनाएं कितनी तेजी से धरातल पर उतरती हैं और स्थानीय लोगों को रोजगार में कितनी भागीदारी मिलती है।
मुख्यमंत्री ने किया BIMCGL के लोगो एवं वेब पोर्टल का शुभारंभ
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने BIMCGL के लोगो और वेब पोर्टल का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि बिहार अपनी औद्योगिक क्षमता और निवेश की संभावनाओं को साकार करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है। बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी आधुनिक विनिर्माण सुविधाओं के विकास और बड़े निवेश को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
मुख्यमंत्री ने बिहार पर भरोसा जताने वाले उद्यमियों का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को आवश्यक सुविधाएं और सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का उद्देश्य उद्योगों की स्थापना के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना तथा औद्योगिक विकास के साथ युवाओं के लिए राज्य के भीतर ही रोजगार एवं उद्यमिता के अवसर बढ़ाना है।
उद्योग मंत्री ने निवेशकों के लिए सरल व्यवस्था पर दिया जोर
उद्योग एवं खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने BIMCGL की शुरुआत को बिहार को प्रमुख विनिर्माण एवं निवेश गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि उद्योग विभाग निवेशकों के लिए पारदर्शी, सरल और समयबद्ध व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहा है, ताकि निवेश प्रक्रिया सुगम हो और राज्य में निवेशकों का विश्वास मजबूत हो सके।
वहीं, उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने कहा कि BIMCGL को एक सुनियोजित एवं आधुनिक विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने की परिकल्पना है। यहां उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभाग निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने, आधारभूत संरचना विकसित करने और निवेशकों को सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहा है।
कार्यक्रम में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने भी संबोधित किया। उद्योग विभाग के सचिव ने स्वागत भाषण दिया और परियोजना से संबंधित प्रस्तुति के माध्यम से इसकी रूपरेखा रखी।
12 औद्योगिक इकाइयों से ₹4,092 करोड़ के निवेश प्रस्ताव
कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष 12 औद्योगिक इकाइयों के साथ निवेश प्रस्तावों से संबंधित समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान रहा। इन प्रस्तावों की कुल राशि ₹4,092 करोड़ बताई गई है।

प्रस्तावित निवेश का कंपनीवार विवरण इस प्रकार है—
1. मिंट लाइफ साइंसेज — ₹1,500 करोड़
2. ABIS ग्रुप — ₹600 करोड़
3. बायोहील एनर्जी प्रा. लि. — ₹510 करोड़
4. जियोफास्ट इंडस्ट्रीज (आई) लि. — ₹500 करोड़
5. कुमार ऑर्गेनिक्स — ₹300 करोड़
6. जियाना इंडस्ट्रीज प्रा. लि. — ₹206 करोड़
7. नालंदा ऑटोमेक प्रा. लि. — ₹120 करोड़
8. अमरनाथ टेक्सटाइल — ₹110 करोड़
9. मां भद्रकाली एल्युमिनियम एक्सट्रूज़न प्रा. लि. — ₹95 करोड़
10. शिवा एग्रो नेचुरल प्रोडक्ट्स प्रा. लि. — ₹51 करोड़
11. वास्तु विहार बायोटेक प्रा. लि. — ₹50 करोड़
12. कनकलया ज्वेलरी — ₹50 करोड़
इन निवेश प्रस्तावों से क्षेत्र में विभिन्न औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार की संभावनाएं बन सकती हैं। निवेश के क्रियान्वयन के साथ परिवहन, आपूर्ति श्रृंखला, स्थानीय कारोबार और सहायक सेवाओं को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने बढ़ाया कार्यक्रम का महत्व
कार्यक्रम में केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी एवं बिजेन्द्र प्रसाद यादव, बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, कृषि मंत्री-सह-गया जिला के प्रभारी मंत्री विजय कुमार सिन्हा तथा लघु जल संसाधन मंत्री संतोष कुमार सुमन सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
इसके अलावा लाओस की राजदूत महामहिम विथाया जायावोंग, रॉयल थाई कॉन्सुलेट जनरल की कॉन्सुल जनरल सिरीपोर्न तांतीपन्याथेप तथा जापान के डिप्टी कॉन्सुल जनरल आशिदा कात्सुनोरी की उपस्थिति भी रही। अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की भागीदारी ने बिहार के औद्योगिक और निवेश अवसरों को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने के महत्व को रेखांकित किया।
कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा, उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार, सूचना एवं प्रावैधिकी विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव नवीन कुमार, मगध प्रमंडल की आयुक्त डॉ. सफीना ए.एन., मगध प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव, गयाजी के जिलाधिकारी शशांक शुभंकर तथा वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार समेत अन्य वरीय अधिकारी, उद्योगपति और निवेशक उपस्थित रहे।
बिहार बिजनेस कनेक्ट 2027 के जरिए निवेश को प्रोत्साहन
BIMCGL के शुभारंभ के बाद बिहार बिजनेस कनेक्ट 2027 का कर्टन रेज़र आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य राज्य में निवेश की संभावनाओं को सामने लाना और उद्योग जगत के साथ संवाद को मजबूत करना है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों को BIMCGL के स्मृति चिह्न भेंट किए गए। वहीं, पितृपक्ष मेला के सफल आयोजन में योगदान देने वाले जिला स्तरीय अधिकारियों को सम्मानित किया गया।
गयाजी के लिए निवेश की नई उम्मीद, अब क्रियान्वयन पर रहेगी नजर
गयाजी धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से देश-विदेश में अपनी अलग पहचान रखता है। ऐसे में जिले में औद्योगिक आधारभूत संरचना के विकास की पहल अर्थव्यवस्था को विविधता देने की दिशा में महत्वपूर्ण हो सकती है। इससे पर्यटन आधारित गतिविधियों के साथ विनिर्माण क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
हालांकि, ₹4,092 करोड़ के निवेश प्रस्तावों की घोषणा अपने आप में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना या रोजगार सृजन की गारंटी नहीं है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि भूमि, आधारभूत संरचना, बिजली, पानी, परिवहन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता के साथ इन प्रस्तावों को कितनी तेजी से लागू किया जाता है।
स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार में प्राथमिकता, छोटे कारोबारियों को औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखला से जोड़ने तथा परियोजनाओं की प्रगति की नियमित जानकारी उपलब्ध कराने जैसे कदम इस पहल को अधिक प्रभावी बना सकते हैं। यदि निवेश प्रस्ताव समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतरते हैं, तो BIMCGL गयाजी और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक विकास तथा रोजगार के नए अवसरों का महत्वपूर्ण आधार बन सकता है।

