पितृपक्ष मेला में ट्रैफिक प्लान लागू, बड़े वाहनों की एंट्री पर रोक; ऑटो, टैक्सी और रिंग बस का किराया तय
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 17 सितंबर 2026
गयाजी: पितृपक्ष मेला महासंगम 2026 में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं एवं तीर्थयात्रियों को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित यातायात उपलब्ध कराने के लिए गयाजी जिला प्रशासन और यातायात पुलिस ने व्यापक ट्रैफिक प्लान लागू किया है। मेला अवधि में श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए बड़े और छोटे वाहनों के परिचालन, नो-एंट्री, वन-वे, डायवर्जन, पार्किंग तथा ऑटो-ई-रिक्शा, प्रीपेड टैक्सी और रिंग बस के किराये की व्यवस्था निर्धारित की गई है।
जिला प्रशासन ने वाहन चालकों, बस-टेम्पो एसोसिएशन, वाहन संचालकों और श्रद्धालुओं से निर्धारित रूट, पार्किंग स्थल और किराया दरों का पालन करने की अपील की है।
सुबह 3 से रात 11 बजे तक बड़े वाहनों की एंट्री प्रतिबंधित
मेला अवधि में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए सुबह 3 बजे से रात 11 बजे तक गयाजी शहर के विभिन्न मार्गों पर बड़े वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। अनुमति प्राप्त वाहनों और निर्धारित बसों को इससे छूट रहेगी।
रात 11 बजे से सुबह 3 बजे तक बड़े व्यावसायिक वाहन, बस और ट्रक निर्धारित वैकल्पिक मार्गों से ही परिचालित किए जाएंगे।
डोभी और पटना की ओर जाने वाले बड़े वाहनों के लिए अलग रूट
डोभी की ओर से गयाजी शहर आने वाले बड़े वाहनों को रामशीला चौक, मुफस्सिल/मानपुर क्षेत्र, सीताकुंड पुल, घुघड़ीटांड़ बाईपास और एनएच-02/गेट मोड़ होते हुए निर्धारित मार्ग से परिचालन कराया जाएगा। डोभी से पटना की ओर जाने वाले बड़े वाहनों को भी निर्धारित बाईपास का इस्तेमाल करना होगा।
वहीं पटना की ओर से आने वाले बड़े व्यावसायिक वाहनों को कंडी/बुनियादगंज बाईपास से मेहता पेट्रोल पंप, मुफस्सिल मोड़, एफएसटी मोड़ और घुघड़ीटांड़ बाईपास होते हुए निर्धारित मार्ग से डोभी की ओर भेजा जाएगा।
प्रशासन के अनुसार, इस व्यवस्था का उद्देश्य बड़े वाहनों के कारण मेला क्षेत्र और शहर के प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति उत्पन्न होने से रोकना है।
छोटे वाहनों के लिए भी निर्धारित किए गए रूट
रेलवे स्टेशन, चांदचौरा, घुघड़ीटांड़ बाईपास, रामशीला, प्रेतशिला और बोधगया सहित प्रमुख तीर्थ एवं मेला स्थलों को जोड़ने वाले मार्गों पर छोटे वाहनों के लिए निर्धारित रूट तय किए गए हैं।
रेलवे स्टेशन से चांदचौरा और घुघड़ीटांड़ बाईपास की दिशा में बाटा मोड़, स्वराजपुरी रोड, डीएम गोलंबर, दिग्घी तालाब मोड़, चांदचौरा पूर्व-पश्चिम, नारायणी चुआं मोड़, बंगाली आश्रम, श्री पेट्रोल पंप और नारायणी पुल होते हुए घुघड़ीटांड़ बाईपास तक निर्धारित रूट का उपयोग करना होगा।
इसी तरह घुघड़ीटांड़ बाईपास से रेलवे स्टेशन की ओर आने वाले वाहनों के लिए भी अलग रूट निर्धारित किया गया है।
रामशीला-प्रेतशिला मार्ग पर विशेष यातायात व्यवस्था
रामशीला से प्रेतशिला जाने वाले वाहनों को रामशीला, छोटकी नवादा, रेलवे फाटक संख्या 63बी और अगरेली ओवरब्रिज सहित निर्धारित मार्ग से ही जाना होगा।
प्रेतशिला से वापस रामशीला की ओर आने वाले वाहनों के लिए किसान कॉलेज पार्किंग स्थल से चाकंद मार्ग, चन्ना चामंडी मोड़, बुद्धा पैरामेडिकल कॉलेज, बहादुर बिगहा, आनंद एकेडमी, बड़का पुल, कुजापी अंडरपास, एनएच बाईपास हनुमान मंदिर, अगरेली ओवरब्रिज, रेलवे फाटक संख्या 63बी, बालाजी कॉटन मिल मोड़ और छोटकी नवादा होते हुए रामशीला तक का रूट निर्धारित किया गया है।
कई प्रमुख मार्गों पर लागू रहेगी वन-वे व्यवस्था
मेला अवधि में श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रहने के कारण रेलवे स्टेशन, चांदचौरा, रामशीला, प्रेतशिला, घुघड़ीटांड़ बाईपास और बोधगया से जुड़े प्रमुख मार्गों पर आवश्यकता के अनुसार एकल मार्ग यानी वन-वे व्यवस्था लागू रहेगी।
प्रशासन का उद्देश्य आने-जाने वाले वाहनों की आमने-सामने की आवाजाही कम कर यातायात को लगातार गतिशील बनाए रखना है।
ऑटो-ई-रिक्शा का आरक्षण किराया तय
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ऑटो रिक्शा/ई-रिक्शा के आरक्षण का किराया भी निर्धारित किया गया है—
– 4 घंटे का आरक्षण — ₹800
– 6 घंटे का आरक्षण — ₹1,100
– 8 घंटे का आरक्षण — ₹1,400
वाहन चालकों को निर्धारित दर से अधिक किराया नहीं लेने तथा वाहन में किराया दर प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया है।
प्रीपेड टैक्सी के किराये में ₹100 की वृद्धि
मेला अवधि के लिए गयाजी जिले में निर्धारित प्रीपेड टैक्सी सेवा के AC और Non-AC वाहनों के किराये में पिछले वर्ष की दर की तुलना में ₹100 की वृद्धि का प्रावधान किया गया है।
40 किलोमीटर/4 घंटे, 80 किलोमीटर/8 घंटे और 100 किलोमीटर/12 घंटे की अवधि के अनुसार अलग-अलग किराया निर्धारित किया गया है। Tavera/Sumo, Bolero, Indigo, LMV Sedan/Dzire, Safari तथा Innova/Crysta सहित विभिन्न श्रेणी के वाहनों के लिए किराया चार्ट जारी किया गया है।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से प्रीपेड टैक्सी लेने से पहले वाहन की श्रेणी और निर्धारित किराये की जानकारी लेने की अपील की है।
रिंग बस से प्रमुख तीर्थ स्थलों को जोड़ा जाएगा
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए निर्धारित मार्गों पर रिंग बस सेवा भी संचालित की जाएगी। प्रमुख रूटों पर प्रति व्यक्ति किराया इस प्रकार निर्धारित है—
– खटकाचक से रामशीला — ₹55
– रामशीला से प्रेतशिला — ₹32
– प्रेतशिला से बोधगया — ₹70
– बोधगया दोमुहान गेट से खटकाचक — ₹25
इस सेवा के माध्यम से श्रद्धालुओं को प्रमुख धार्मिक और मेला स्थलों के बीच सार्वजनिक परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
प्रेतशिला जाने वाले वाहनों के लिए किसान कॉलेज में पार्किंग
मेला क्षेत्र में सड़क पर अनियंत्रित पार्किंग रोकने के लिए निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग कराया जाएगा। विशेष रूप से प्रेतशिला जाने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए किसान कॉलेज पार्किंग स्थल निर्धारित किया गया है।
प्रशासन ने मुख्य सड़क, घाटों के पहुंच मार्ग, संकरे रास्तों और मेला क्षेत्र में सड़क किनारे वाहन खड़ा नहीं करने की अपील की है।
यातायात नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई
वाहन चालकों को निर्धारित रूट और वन-वे व्यवस्था का पालन करने, नो-एंट्री के दौरान प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश नहीं करने, निर्धारित पार्किंग का इस्तेमाल करने तथा ऑटो, ई-रिक्शा और टैक्सी में निर्धारित किराये से अधिक राशि नहीं लेने का निर्देश दिया गया है।
इसके अलावा बैरिकेडिंग और डायवर्जन का पालन करने, सड़क पर वाहन खड़ा कर यातायात बाधित नहीं करने तथा आपातकालीन एवं आवश्यक सेवा वाले वाहनों को प्राथमिकता देने को कहा गया है।
श्रद्धालु प्रशासन के निर्देशों का करें पालन
जिला प्रशासन ने कहा है कि मेला क्षेत्र में भीड़ और परिस्थितियों के अनुसार यातायात व्यवस्था में आवश्यकतानुसार बदलाव या डायवर्जन किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में श्रद्धालुओं और वाहन चालकों को यातायात पुलिस एवं प्रशासन के निर्देशों का पालन करना होगा।
प्रशासन के अनुसार पितृपक्ष मेला महासंगम 2026 के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुगम आवागमन को प्राथमिकता देते हुए यातायात व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा।
