मां तारा सामुदायिक भवन का हुआ उद्घाटन, सामाजिक एवं सार्वजनिक आयोजनों के लिए आम नागरिकों को मिलेगी सुविधा

0
Screenshot_2026_0831_230303.jpg
Share with

आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 31 अगस्त 2026

गयाजी: सोमवार को गयाजी विधानसभा क्षेत्र की मोक्ष, ज्ञान एवं मंगला गौरी की पावन धरती पर फल्गु नदी के किनारे मां तारा मंदिर के निकट मां तारा सामुदायिक भवन का विधिवत उद्घाटन किया गया। उद्घाटन बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने फीता खोलकर किया।

8.89 लाख रुपये की लागत से बना भवन

मां तारा सामुदायिक भवन का निर्माण 8 लाख 89 हजार 600 रुपये की अनुमानित लागत से कराया गया है। भवन का उद्देश्य स्थानीय नागरिकों को सामाजिक, सांस्कृतिक एवं सामुदायिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए सुविधाजनक स्थान उपलब्ध कराना है।

आने वाले समय में आम नागरिक इस भवन का उपयोग विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक एवं सार्वजनिक आयोजनों के लिए कर सकेंगे।

भाजपा नेताओं और स्थानीय नागरिकों की रही मौजूदगी

उद्घाटन समारोह में पप्पू कुमार चंद्रवंशी, सदस्य बीस सूत्री सह जिला महामंत्री, भाजपा गया जिला पूर्वी की उपस्थिति रही। इसके अलावा मुकेश कुमार चंद्रवंशी, प्रदेश महासचिव, अति पिछड़ा प्रकोष्ठ; मोहनलाल शर्मा, संयोजक, गयाजी विधानसभा, भाजपा; संतोष कुमार सिंह, नेता युवा मोर्चा; पप्पू ऋषभ, सह संयोजक, कला एवं संस्कृति प्रकोष्ठ, भाजपा सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

कार्यक्रम में राजनंदन गांधी, जितेंद्र कुमार, डॉ. राजकुमार, श्रवण केसरी, गणेश चंद्रवंशी, धर्मेंद्र कुमार, विकास कुमार, शाहिद सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भी भाग लिया।

धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा

उपस्थित लोगों ने सामुदायिक भवन के निर्माण को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। स्थानीय नागरिकों के अनुसार भवन उपलब्ध होने से सामाजिक एवं सामुदायिक कार्यक्रमों के आयोजन में सुविधा होगी।

मां तारा मंदिर के निकट सामुदायिक भवन के निर्माण से क्षेत्र में होने वाली धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों ने भवन के निर्माण एवं उद्घाटन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

You cannot copy content of this page