सीयूएसबी में 24 दिवसीय गुरुदक्षता कार्यक्रम का सफल समापन, देशभर के 40 शिक्षकों ने लिया प्रशिक्षण

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 17 जुलाई 2026,

गयाजी: दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र (एमएमटीटीसी) द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) एवं शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार की मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण योजना के तहत आयोजित 24 दिवसीय आवासीय ‘गुरुदक्षता कार्यक्रम (Faculty Induction Programme)’ का सफलतापूर्वक समापन हो गया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों और विश्वविद्यालयों से आए 40 नव-नियुक्त एवं कार्यरत शिक्षकों ने सहभागिता की।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर

समापन समारोह के मुख्य अतिथि प्रो. शम्भूनाथ सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के सफल क्रियान्वयन के लिए शिक्षकों का क्षमता निर्माण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण, अनुसंधान, नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति प्रतिबद्ध रहने का आह्वान किया।

विकसित भारत-2047′ में शिक्षकों की अहम भूमिका

सीयूएसबी के कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि 21वीं सदी की चुनौतियों और ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था के दौर में शिक्षकों का सतत व्यावसायिक विकास अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि यूजीसी की मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण योजना गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, अनुसंधान उत्कृष्टता और ‘विकसित भारत@2047’ के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव

कार्यक्रम की शुरुआत कृषि विभागाध्यक्ष एवं कृषि पीठ के अधिष्ठाता प्रो. अवनीश प्रकाश सिंह के स्वागत भाषण से हुई। एमएमटीटीसी के निदेशक एवं कार्यक्रम समन्वयक डॉ. तरुण कुमार त्यागी ने कार्यक्रम की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विशेषज्ञों ने उच्च शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार पर अपने विचार रखे। इनमें केंद्रीय विश्वविद्यालय आंध्र प्रदेश के कुलपति प्रो. एस. ए. कोरी, पूर्व कुलपति प्रो. एन. एस. राठौड़ तथा मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय की प्रो. रमा कोंडापल्ली प्रमुख रहे। उन्होंने अनुसंधान संस्कृति, नवाचार, विद्यार्थी-केंद्रित अधिगम और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने पर बल दिया।

प्रमाण-पत्र वितरण के साथ कार्यक्रम सम्पन्न

समापन सत्र का संचालन लेफ्टिनेंट (डॉ.) प्रज्ञा गुप्ता ने किया। प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र डॉ. हेमंत सिंह द्वारा वितरित किए गए। अंत में डॉ. आतिश कुमार दाश ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

सीयूएसबी ने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, भारतीय ज्ञान परंपरा, प्रौद्योगिकी और बहुविषयक दृष्टिकोण से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ है।

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