सीयूएसबी के गुरुदक्षता कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने किया परिसर भ्रमण, ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत किया वृक्षारोपण

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी |16 जुलाई 2026,

गयाजी: दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र (एमएमटीटीसी) द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण योजना (एमएमटीटीपी) के अंतर्गत आयोजित 24 दिवसीय आवासीय ‘गुरुदक्षता कार्यक्रम’ के प्रतिभागियों ने विश्वविद्यालय के 300 एकड़ में फैले हरित परिसर का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान प्रतिभागियों ने विश्वविद्यालय की नवाचारी शैक्षणिक व्यवस्थाओं, छात्र-केंद्रित शिक्षण पद्धतियों तथा अनुभवात्मक अधिगम की विभिन्न पहलों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।

‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत किया गया वृक्षारोपण

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत वृक्षारोपण किया। इस अवसर पर कुलसचिव प्रो. नरेंद्र कुमार राणा सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे। वृक्षारोपण के माध्यम से प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

कृषि मॉडल और ग्रामीण नवाचारों का किया अध्ययन

कृषि विभागाध्यक्ष प्रो. अवनीश प्रकाश सिंह के निर्देशन में प्रतिभागियों ने विश्वविद्यालय के डेयरी फार्म, बकरी पालन, कुक्कुट पालन, मत्स्य पालन एवं कृषि संग्रहालय का भ्रमण किया। इस दौरान उन्हें बिहार की कृषि विरासत, जैविक खेती, जलवायु-अनुकूल कृषि पद्धतियों, प्राकृतिक संसाधन संरक्षण तथा सतत कृषि मॉडल की विस्तृत जानकारी दी गई।

प्रतिभागियों ने कृषि संग्रहालय में स्थानीय कृषि जैव-विविधता, पारंपरिक कृषि ज्ञान और ग्रामीण जीवन से जुड़े विविध पहलुओं का अध्ययन किया तथा इसे शिक्षा, अनुसंधान और सामुदायिक सहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

राजर्षि जनक केंद्रीय पुस्तकालय की आधुनिक सुविधाओं से हुए परिचित

भ्रमण के अगले चरण में प्रतिभागियों ने राजर्षि जनक केंद्रीय पुस्तकालय का भी दौरा किया। विश्वविद्यालय के पुस्तकालयाध्यक्ष प्रो. प्रमोद कुमार सिंह के निर्देशन में उन्हें पुस्तकालय की आधुनिक शोध सुविधाओं, डिजिटल संसाधनों तथा शोध सहयोग सेवाओं की जानकारी दी गई।

प्रतिभागियों ने INFLIBNET एवं IRINS शोध सहायता केंद्रों का अवलोकन किया, जो शोधकर्ताओं की अकादमिक प्रोफ़ाइल और वैज्ञानिक प्रकाशनों को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्हें बताया गया कि यह बिहार का पहला पूर्णतः स्वचालित केंद्रीय पुस्तकालय है, जहां पुस्तक परिसंचरण प्रणाली के माध्यम से पुस्तकालय सेवाओं का पारदर्शी और कुशल संचालन किया जाता है।

अनुभवात्मक शिक्षा पर दिया गया विशेष बल

विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि यह भ्रमण राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य शिक्षकों को अनुभवात्मक शिक्षा, क्षेत्राधारित अध्ययन और व्यवहारिक शिक्षण से जोड़ना है, ताकि वे अपने शिक्षण एवं शोध कार्यों में इन अनुभवों का प्रभावी उपयोग कर सकें।

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