गयाजी के 735 अनुसूचित जाति बहुल गांव बनेंगे आदर्श ग्राम, प्रत्येक गांव के विकास के लिए मिलेंगे ₹20 लाख

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 16 जुलाई 2026,

गयाजी: प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के तहत गयाजी जिले के 735 अनुसूचित जाति बहुल गांवों को चरणबद्ध तरीके से आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा। प्रत्येक चयनित गांव के विकास के लिए ₹20 लाख की विशेष राशि उपलब्ध कराई जाएगी। इस संबंध में गुरुवार को जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

24 प्रखंडों के 735 गांवों का होगा समग्र विकास

बैठक में जिला पदाधिकारी ने बताया कि गयाजी जिला अनुसूचित जाति एवं वंचित वर्गों के विकास की दृष्टि से प्राथमिकता वाले जिलों में शामिल है। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के तहत जिले के 24 प्रखंडों के 735 अनुसूचित जाति बहुल गांवों का चयन किया गया है, जहां चरणबद्ध तरीके से आधारभूत सुविधाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं का विस्तार किया जाएगा।

प्रत्येक गांव को मिलेगा ₹20 लाख का विशेष फंड

डीएम ने बताया कि प्रत्येक चयनित गांव के लिए ₹20 लाख की विशेष राशि केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई है। इस राशि का उपयोग गांव की वास्तविक जरूरतों और स्थानीय लोगों के सुझावों के आधार पर ऐसे विकास कार्यों में किया जाएगा, जिनसे पूरे गांव को स्थायी और व्यापक लाभ मिल सके।

18 जुलाई तक पूरा होगा घर-घर सर्वेक्षण

योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रत्येक गांव में अलग-अलग सर्वेक्षण दल गठित किए जाएंगे। इन टीमों में विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल होंगे, जो घर-घर जाकर स्वास्थ्य, शिक्षा, जीविका, जन वितरण प्रणाली, सामाजिक सुरक्षा, पेयजल, स्वच्छता सहित अन्य सरकारी योजनाओं की स्थिति का आकलन करेंगे।

जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि 18 जुलाई 2026 तक हर हाल में सर्वेक्षण कार्य पूरा कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या औपचारिकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रत्येक पात्र परिवार तक पहुंचकर सही जानकारी जुटाई जाएगी।

ग्रामीणों के सुझावों के आधार पर बनेंगी विकास योजनाएं

डीएम ने कहा कि सर्वेक्षण पूरा होने के बाद ग्रामीणों से प्राप्त सुझावों और आवश्यकताओं का विश्लेषण कर विकास योजनाओं का चयन किया जाएगा। प्राथमिकता उन परियोजनाओं को दी जाएगी, जिनसे पूरे गांव को अधिकतम लाभ मिले और सामाजिक व आर्थिक विकास को नई गति प्राप्त हो।

बैठक में सभी विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए गए, ताकि प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारा जा सके।

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