सीयूएसबी की शोधार्थी अद्रिजा दत्ता ने चीन में लहराया परचम, अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में प्रस्तुत किया शोध-पत्र
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 05 जुलाई 2026,
गयाजी: दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) की भूगोल विभाग की शोधार्थी अद्रिजा दत्ता ने चीन के नानजिंग विश्वविद्यालय में आयोजित 13वें अंतरराष्ट्रीय जनसंख्या भूगोल सम्मेलन (ICPG) में विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करते हुए अपना शोध-पत्र प्रस्तुत किया। उनकी इस उपलब्धि से सीयूएसबी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है।
पूर्वी भारत में प्रजनन संक्रमण पर प्रस्तुत किया शोध
अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में अद्रिजा दत्ता ने “पूर्वी भारत में प्रजनन संक्रमण : सामाजिक-आर्थिक विकास एवं परिवार कल्याण कार्यक्रमों की भूमिका” विषय पर अपना शोध-पत्र प्रस्तुत किया। यह शोध कार्य सीयूएसबी के भूगोल विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. जोगिन्दर सिंह चौहान के मार्गदर्शन में पूरा किया गया।
कुलपति ने जताई खुशी, दी बधाई
सीयूएसबी के कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह ने शोधार्थी की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर विश्वविद्यालय की सहभागिता और शोध प्रस्तुत करना संस्थान के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि ऐसे अवसर विश्वविद्यालय की वैश्विक पहचान को मजबूत करने के साथ-साथ शोध संस्कृति को भी प्रोत्साहित करते हैं।
वहीं, कुलसचिव प्रो. नरेंद्र कुमार राणा ने भी अद्रिजा दत्ता और उनके शोध-निर्देशक डॉ. जोगिन्दर सिंह चौहान को इस उपलब्धि पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
महिलाओं की शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की भूमिका पर रहा फोकस
विश्वविद्यालय के जनसंपर्क पदाधिकारी मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि शोध में पूर्वी भारत में प्रजनन दर में आए बदलावों का विस्तृत विश्लेषण किया गया है। अध्ययन में यह स्पष्ट किया गया कि सामाजिक-आर्थिक विकास, महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और परिवार कल्याण कार्यक्रमों ने क्षेत्र के जनसांख्यिकीय परिवर्तन को किस प्रकार प्रभावित किया है।
विदेशी विद्वानों ने की शोध की सराहना
सम्मेलन में विभिन्न देशों से आए शिक्षाविदों और शोधकर्ताओं ने अद्रिजा दत्ता के शोध-पत्र की सराहना की। इस प्रस्तुति ने समकालीन जनसंख्या संबंधी विषयों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सार्थक अकादमिक विमर्श को भी नई गति प्रदान की।
