NH-22 पर बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को लेकर विधायक मनोरमा देवी ने जिला प्रशासन को लिखा पत्र
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 06 जून 2026,
गयाजी। बेलागंज विधानसभा क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-22 (पटना-गया-डोभी मार्ग) पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं और बढ़ती जनहानि को लेकर विधायक मनोरमा देवी ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने 6 जून 2026 को जिला पदाधिकारी गयाजी को पत्र लिखकर दुर्घटना रोकथाम हेतु कई महत्वपूर्ण सुरक्षा उपायों को शीघ्र लागू करने का आग्रह किया है।
दुर्घटनाओं में दर्जनों लोगों की मौत, कई घायल
विधायक ने अपने पत्र में कहा है कि NH-22 पर आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। विगत कुछ दिनों में ही दर्जनों लोगों की मृत्यु हो चुकी है, जबकि लगभग 40 से 50 लोगों के घायल होने की सूचना प्राप्त हुई है। उन्होंने इसे गंभीर जनसुरक्षा का विषय बताते हुए तत्काल प्रभाव से आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
विभिन्न स्थानों पर स्पीड ब्रेकर और साइन बोर्ड लगाने की मांग
पत्र में खनेटा पंचायत के पाली एवं खनेटा गांव, बाजितपुर पंचायत के रामपुर मोड़, लोदीपुर पंचायत के सिलौंजा एवं नेउरी, एरकी पंचायत के नेयामतपुर मोड़, चाकंद बाजार सहित कई चिन्हित स्थलों पर स्पीड ब्रेकर (रंबल स्ट्रिप) निर्माण, रेडियम युक्त गति सीमा निर्धारण बोर्ड तथा घनी आबादी और सावधानी संबंधी चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की गई है।
बंद स्ट्रीट लाइट और हाईमास्ट लाइट को लेकर भी उठाई आवाज
विधायक ने खनेटा पंचायत में बंद पड़े स्ट्रीट लाइटों को चालू कराने तथा दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में हाईमास्ट लाइट लगाने की आवश्यकता पर बल दिया है। उन्होंने बेलागंज थाना मोड़ चारमुहानी, चाकंद बाजार, कुजाप हनुमान चौकी पुल क्षेत्र सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर प्रकाश व्यवस्था सुदृढ़ करने की मांग की है।
कुजाप और बेलागंज में विशेष सुरक्षा इंतजाम की मांग
पत्र में कुजाप हनुमान चौकी पुल के नीचे दिशा सूचक रेडियम युक्त साइन बोर्ड लगाने तथा “दुर्घटना से देर भली” जैसे जागरूकता संदेश प्रदर्शित करने का भी सुझाव दिया गया है। वहीं बेलागंज थाना मोड़ एवं निमचक मोड़ के आसपास विशेष सुरक्षा इंतजाम, स्पीड कंट्रोल उपाय और चेतावनी संकेतक लगाने की आवश्यकता बताई गई है।
प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा
विधायक मनोरमा देवी ने जिला प्रशासन से अनुरोध किया है कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और लोगों की जान बचाने के लिए प्रस्तावित सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक कदम उठाए गए तो दुर्घटनाओं पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
