गयाजी में नकली और नशीली दवाइयों के बड़े रैकेट का भंडाफोड़, लाखों की खेप बरामद
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 25 मई 2026,
गयाजी: शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत न्यू एरिया पीपरपांती मोहल्ले में औषधि विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली और नशीली दवाइयों के अवैध कारोबार का खुलासा किया है। छापेमारी के दौरान लाखों रुपये मूल्य की संदिग्ध दवाइयों की खेप बरामद की गई है।
पूर्व सांसद के आवास में चल रहा था अवैध कारोबार
जानकारी के अनुसार, चतरा के पूर्व सांसद दिवंगत रंजीत सिंह उर्फ रंग सिंह के आवास के एक किराए के कमरे में नकली और नशीली दवाइयों का गोरखधंधा संचालित किया जा रहा था। हैरानी की बात यह है कि इसी भवन के ग्राउंड फ्लोर पर बिहार सरकार के पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग का कार्यालय संचालित होता है, जबकि पहले तल्ले पर अवैध दवा कारोबार चल रहा था।
गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई
औषधि विभाग को गुप्त सूचना मिलने के बाद सरोज शाह के नेतृत्व में पुलिस टीम और ड्रग्स डिपार्टमेंट ने संयुक्त रूप से छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान मौके से भारी मात्रा में नशीले कफ सिरप, नींद की गोलियां, रैपर, ढक्कन और मशीनें बरामद की गईं।
दंपति हिरासत में, पूछताछ जारी
मौके से एक दंपति को हिरासत में लिया गया है। हिरासत में लिए गए व्यक्ति की पहचान विकास कुमार के रूप में हुई है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में छापेमारी जारी है।
कई राज्यों में सप्लाई की आशंका
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि इस नेटवर्क के जरिए कई राज्यों में नशीली दवाइयों की सप्लाई की जा रही थी। हालांकि बरामद दवाइयां प्रतिबंधित श्रेणी में नहीं बताई जा रही हैं, लेकिन उनके नकली होने की आशंका जताई जा रही है।
50 लाख तक की बरामदगी की संभावना
अधिकारिक तौर पर बरामद दवाइयों की कीमत घोषित नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक जब्त सामग्री की कीमत करीब 50 लाख रुपये आंकी जा रही है। ड्रग्स कंट्रोलर विजय कुमार ने बताया कि बरामद दवाइयों की जांच की जा रही है और पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है।
जांच में जुटी विभागीय टीम
ड्रग्स कंट्रोलर ने कहा कि गुप्त सूचना के आधार पर टीम गठित कर कार्रवाई की गई थी। बरामद दवाइयां असली हैं या नकली, इसकी वैज्ञानिक जांच कराई जा रही है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
