केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी पर पत्थरबाजी, बाल-बाल बचे
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 22 मई 2026,
गयाजी: जिले के खिजरसराय प्रखंड अंतर्गत सिसवर पंचायत स्थित संत थॉमस स्कूल में शुक्रवार को आयोजित आईटीएसई प्रतियोगिता के टॉपर सम्मान समारोह के दौरान केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी पर पत्थरबाजी की घटना सामने आई। घटना उस समय हुई जब केंद्रीय मंत्री मंच से कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही जीतन राम मांझी ने अपना संबोधन शुरू किया, मंच के पीछे की ओर से अचानक एक पत्थर फेंका गया। पत्थर मंच के ऊपर लगे लोहे के एंगल से टकराकर बिखर गया। गनीमत रही कि पत्थर सीधे मंत्री के सिर पर नहीं लगा, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
बाउंड्री के पीछे से फेंका गया पत्थर
बताया जा रहा है कि मंच के पीछे करीब 30 से 40 फीट दूरी पर बाउंड्री वाल मौजूद थी। बाउंड्री के पीछे पइन और उसके किनारे रास्ता होने की बात कही जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि पत्थर उसी दिशा से फेंका गया। घटना के बाद मौके पर मौजूद प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
पत्थर गिरते ही सुरक्षा में तैनात जवान और पुलिसकर्मी तुरंत संदिग्ध दिशा की ओर दौड़े। हालांकि पीछे का इलाका अंधेरे में होने के कारण पत्थरबाजी करने वाले लोग भागने में सफल रहे। गनीमत ये रही कि इस पत्थरबाजी में किसी को भी चोट नहीं लगी।
सर्च अभियान चलाकर दो नाबालिग हिरासत में
घटना के बाद निमचक बथानी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुरेन्द्र कुमार सिंह के नेतृत्व में इलाके में सर्च अभियान चलाया गया। इस दौरान पइन के नीचे से दो लड़कों को पकड़ा गया। दोनों लड़कों ने पुलिस को बताया कि वे शौच के लिए वहां आए थे, लेकिन उनके पास पानी नहीं मिलने पर पुलिस को शक हुआ। इसके बाद दोनों को कस्टडी में लेकर खिजरसराय थाना लाया गया, जहां उनसे कड़ी पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के अनुसार दोनों नाबालिग आसपास के गांवों के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
पत्थरबाजी के बावजूद संबोधन जारी रखा
घटना के बाद भी केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने अपना संबोधन नहीं रोका। उन्होंने मंच पर मजबूती के साथ खड़े रहकर लगातार लोगों को संबोधित किया। इस दौरान उनकी सुरक्षा में तैनात जवान पूरी सतर्कता के साथ उनके आगे-पीछे मौजूद रहे। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद अधिकारियों ने भी स्थिति को संभालने में तत्परता दिखाई।
दूसरी बार भी हुई पत्थरबाजी
सूत्रों के मुताबिक, दो नाबालिगों को हिरासत में लेने के बाद कार्यक्रम स्थल के पीछे से दूसरी बार भी पत्थर फेंके गए। इसके बाद अनुमंडल पदाधिकारी केशव आनंद और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुरेन्द्र कुमार सिंह ने खुद मोर्चा संभाला।
दोनों अधिकारियों ने जवानों के साथ बाउंड्री के पीछे स्थित इलाके में सर्च अभियान चलाया और काफी देर तक झाड़ियों में तलाशी ली। हालांकि अंधेरे का फायदा उठाकर संदिग्ध लोग फरार होने में सफल रहे।
वायरल वीडियो से जोड़कर देखी जा रही घटना
स्थानीय स्तर पर इस घटना को हाल ही में वायरल हुए एक वीडियो से जोड़कर देखा जा रहा है। कुछ दिन पहले जीतन राम मांझी की समधन ज्योति मांझी पर हमला हुआ था, जिसके बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था। उस वीडियो में कथित तौर पर मांझी पर भी हमले की बात कही गई थी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
