“पोषण से समृद्धि” प्रशिक्षण कार्यक्रम से किसानों को मिली नई दिशा, मिलेट्स पर जोर
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 02 मई 2026,
गयाजी: शनिवार को कृषि विज्ञान केन्द्र (केवीके), मानपुर में “पोषण से समृद्धि” विषय पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की श्रृंखला सफलतापूर्वक संपन्न हुई। अंतरराष्ट्रीय अर्ध-शुष्क उष्णकटिबंधीय फसल अनुसंधान संस्थान (ICRISAT), हैदराबाद द्वारा 30 अप्रैल से 02 मई 2026 तक आयोजित इस पहल का उद्देश्य किसानों को श्री अन्न (मिलेट) उत्पादन से लेकर उपभोग तक की पूरी प्रक्रिया में दक्ष बनाना था।
इस कार्यक्रम में गयाजी, नवादा और नालंदा जिलों के कुल 94 किसानों ने भाग लिया, जिनमें 31 महिला किसान भी शामिल रहीं। प्रशिक्षण “बिहार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर मिलेट वैल्यू चेन” परियोजना के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसे बिहार कृषि विभाग का सहयोग प्राप्त है।
कार्यक्रम के दौरान किसानों को मिलेट की उन्नत खेती, वैल्यू चेन विकास, प्रसंस्करण तकनीक और दैनिक आहार में इसके उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही लड्डू, हलवा जैसे पौष्टिक व्यंजन बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया, जिससे किसानों को आय बढ़ाने के नए अवसरों की समझ विकसित हुई।
तकनीकी सत्रों का संचालन ICRISAT एवं केवीके के विशेषज्ञों द्वारा किया गया। विशेषज्ञों ने मिलेट्स को पोषण सुरक्षा, जलवायु-सहिष्णु खेती और टिकाऊ आजीविका के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए इसके व्यापक उपयोग पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने सक्रिय भागीदारी करते हुए आधुनिक खेती तकनीकों और मूल्य संवर्धन के विभिन्न पहलुओं को समझा। यह पहल न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक साबित होगी, बल्कि देश में पोषण सुरक्षा और सतत कृषि को भी मजबूती प्रदान करेगी।
