पराली जलाने पर सख्ती: जियो-टैग सबूत मिलते ही किसान का रजिस्ट्रेशन होगा रद्द

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 24 अप्रैल 2026,

गयाजी। पर्यावरण संरक्षण और बढ़ते प्रदूषण को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। इसी कड़ी में आज दिनांक 24 अप्रैल 2026 को नीमचक बथानी के अनुमंडल पदाधिकारी केशव आनंद की अध्यक्षता में अनुमंडल स्तर के सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, नीमचक बथानी भी मौजूद रहे।

बैठक के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि यदि किसी किसान द्वारा पराली जलाने (फसल अवशेष जलाने) की सूचना प्राप्त होती है और उसका जियो-टैग्ड फोटोग्राफ या अन्य प्रमाण उपलब्ध होता है, तो संबंधित किसान के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की जाएगी।

निर्देशानुसार, दोषी पाए जाने पर किसान का कृषि विभाग में किया गया निबंधन (रजिस्ट्रेशन) तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया जाएगा। इतना ही नहीं, ऐसे किसानों को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के लाभ से भी वंचित कर दिया जाएगा।

अधिकारियों ने बताया कि पराली जलाने से पर्यावरण को भारी नुकसान होता है, जिससे वायु प्रदूषण बढ़ता है और आम जनजीवन पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसको रोकने के लिए सरकार और प्रशासन लगातार प्रयासरत है।

बैठक में सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और किसानों को जागरूक करने का भी निर्देश दिया गया, ताकि इस तरह की घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।

प्रशासन के इस कड़े रुख से साफ है कि अब पराली जलाने वालों पर किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है।

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