बहन की हत्या कर पहचान छुपाने के उद्देश्य से डाला चेहरे पर तेजाब, भाई गिरफ्तार
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 24 अप्रैल 2026,
गयाजी: गयाजी में रिश्तों को झकझोर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक अज्ञात महिला की हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने इसे ‘ऑनर किलिंग’ करार दिया है। मामला रामपुर थाना क्षेत्र के सिंगरा स्थान पहाड़ी से जुड़ा है, जहां कुछ दिन पहले एक महिला का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ था।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि मृतका की हत्या उसके सगे भाई ने ही की थी। आरोपी ने अपनी बहन के चरित्र पर संदेह और सामाजिक बदनामी के डर से इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया था।
तीन साल बाद लौटने पर बढ़ा विवाद
जानकारी के अनुसार, मृतका पहले से विवाहित थी और उसके दो बच्चे थे। करीब तीन साल पहले वह अपने ससुराल से एक बच्चे के साथ कहीं चली गई थी। जब वह वापस लौटी, तो उसके साथ एक और बच्चा था, जिसे लेकर ससुराल पक्ष ने उसे अपनाने से इनकार कर दिया। इसके बाद वह अपने मायके पहुंची पर वहां भी उसे स्वीकार नहीं किया गया और लगातार प्रताड़ना झेलनी पड़ी।
साजिश रचकर की गई हत्या
पुलिस के अनुसार, आरोपी भाई शंकर कुमार ने बदनामी से बचने के लिए अपनी बहन को रास्ते से हटाने की एक घातक योजना बनाई। 3 अप्रैल 2026 को वह उसे बहला-फुसलाकर गयाजी शहर लेकर आया और सिंगरा स्थान की सुनसान पहाड़ी पर ले जाकर अपने सहयोगियों के साथ मिलकर गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद पहचान छिपाने के लिए मृतका के चेहरे पर तेजाब डाल दिया जिससे मृतका का चेहरा बुरी तरह झुलस गया ।
पुलिस का खुलासा और गिरफ्तारी
नगर पुलिस उपाधीक्षक 02 (डीएसपी) धर्मेंद्र भारती ने बताया कि यह स्पष्ट रूप से ऑनर किलिंग का मामला है। आरोपी ने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को शेरघाटी के दक्षिण खाप क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। उसके पास से घटना में प्रयुक्त बाइक और मोबाइल भी जब्त कर लिए गए।
वैज्ञानिक जांच से सुलझी गुत्थी
रामपुर थाना पुलिस और तकनीकी शाखा की मदद से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए गए, जिसके आधार पर 4 अप्रैल को शव मिलने के कुछ ही दिनों के भीतर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस इस मामले में अन्य परिजनों की संलिप्तता की भी जांच कर रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। अधिकारियों का कहना है कि इस जघन्य अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही चार्जशीट दाखिल कर स्पीडी ट्रायल की मांग की जाएगी।
यह घटना समाज में ‘मान-सम्मान’ के नाम पर होने वाली हिंसा की भयावह सच्चाई को उजागर करती है। जरूरत है सामाजिक सोच में बदलाव और कानून के सख्त पालन की, ताकि ऐसे अपराधों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
