भास्कर घाट पर श्री सूर्य नारायण प्राण प्रतिष्ठा ज्ञान महायज्ञ का शुभारंभ, भव्य कलश यात्रा निकली
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 18 अप्रैल 2026,
गयाजी (मानपुर): मानपुर स्थित भास्कर घाट पर शनिवार से श्री सूर्य नारायण प्राण प्रतिष्ठा ज्ञान महायज्ञ सह भागवत कथा एवं रासलीला का भव्य शुभारंभ हो गया। यह सात दिवसीय धार्मिक आयोजन 18 अप्रैल से 24 अप्रैल 2026 तक चलेगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग ले रहे हैं। यह धार्मिक आयोजन भास्कर क्लब के कार्यकर्ताओं और आस पास के प्रबुद्ध लोगों के द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है।
भव्य कलश यात्रा से हुआ आगाज
कार्यक्रम की शुरुआत भव्य कलश शोभा यात्रा के साथ हुई। यह यात्रा भास्कर घाट से निकलकर मुफ्फसिल मोड़, भूसूंडा होते हुए सीताकुंड पहुंची, जहां से जल भरकर श्रद्धालु लक्खीबाग मार्ग से पुनः यज्ञ स्थल लौटे। पूरे मार्ग में भक्तिमय माहौल देखने को मिला।

कथा और रासलीला से गूंजा परिसर
शाम के सत्र में कथा वाचक चंदन कृष्ण शास्त्री और देवी शिवा किशोरी ने अपने प्रवचनों से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। प्रतिदिन संध्या 5 बजे से 10 बजे तक भागवत कथा और रात्रि 10:30 बजे से 3 बजे तक रासलीला का आयोजन किया जा रहा है।
प्रवचन में सामाजिक संदेश
आचार्य चंदन कृष्ण शास्त्री ने अपने प्रवचन में कहा कि आज के समय में हर व्यक्ति किसी न किसी रूप में दुखी है, कोई शारीरिक तो कोई मानसिक रूप से। सच्चा सुख केवल ईश्वर के नाम में है। उन्होंने कहा कि जब-जब धर्म का पतन होता है, तब-तब भगवान किसी भी रूप में अवतार जरूर लेते हैं।
उन्होंने आधुनिक जीवनशैली पर कटाक्ष करते हुए कहा कि “आज मोबाइल के रूप में रावण और कंस हर घर में मौजूद हैं।” साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि लोग जीवन का मार्ग दिखाने वाले ग्रंथों को नजरअंदाज कर रहे हैं, जबकि जीवन को भटकाने वाली चीजों में अधिक समय दे रहे हैं।
सत्संग और नामस्मरण का संदेश
प्रवचन के दौरान श्रद्धालुओं को सत्संग से जुड़ने और भगवान के नाम का स्मरण करने की प्रेरणा दी गई। उन्होंने कहा कि भागवत कथा का श्रवण और हरि नाम का जप ही जीवन को सार्थक बनाने का मार्ग है।

सात दिवसीय कार्यक्रम का विस्तृत आयोजन
यज्ञ के अंतर्गत पंचांग पूजन, मंडप एवं वेदी पूजन, विभिन्न अधिवास अनुष्ठान, नगर भ्रमण, सूर्य नारायण प्रतिष्ठापन और अंत में हवन पूर्णाहुति एवं महाप्रसाद वितरण जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इस धार्मिक आयोजन के यज्ञकर्ता रामानुज श्री वैष्णव दास जी (देवी योग साधक) हैं, जिनके मार्गदर्शन में पूरे कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है।
