भारतीय स्टेट बैंक ने दिखाई संवेदनशीलता, शहीद जवान की पत्नी को दी ₹1 करोड़ की सहायता
गयाजी: मानवता, संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हुए भारतीय स्टेट बैंक ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि वह केवल एक बैंक नहीं, बल्कि अपने ग्राहकों का सच्चा सहयात्री है।
हाल ही में एक हृदयविदारक सड़क दुर्घटना में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के एक जवान की असामयिक मृत्यु हो गई, जिससे पूरा परिवार गहरे शोक में डूब गया। इस कठिन समय में बैंक ने अपने “सैलरी पैकेज” के अंतर्गत मृतक जवान की पत्नी अर्चना भारती को 1 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की।
गया स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित एक भावुक कार्यक्रम के दौरान उप महाप्रबंधक थानाराम सोलंकी और क्षेत्रीय प्रबंधक संजीव श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से यह चेक अर्चना भारती को सौंपा। कार्यक्रम के दौरान माहौल भावनात्मक रहा—एक ओर दुख की गहरी छाया थी, तो दूसरी ओर बैंक का सहयोग परिवार के लिए नई उम्मीद बनकर सामने आया।
अपने संबोधन में सोलंकी ने कहा कि भारतीय स्टेट बैंक की प्राथमिकता केवल बैंकिंग सेवाएँ देना नहीं, बल्कि ग्राहकों के जीवन के हर सुख-दुःख में उनके साथ खड़ा रहना है। वहीं श्रीवास्तव ने भी बैंक की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि बैंक हर परिस्थिति में अपने ग्राहकों के साथ मजबूती से खड़ा रहता है।
इस अवसर पर मुख्य प्रबंधक डॉली सिन्हा, वजीरगंज शाखा के प्रबंधक विवेक कुमार और सहायक प्रबंधक सुमंत सौरभ सहित कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
अर्चना भारती ने इस सहयोग के लिए बैंक के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि इस कठिन समय में बैंक ने न केवल आर्थिक सहायता दी, बल्कि भावनात्मक रूप से भी उनका साथ निभाया। उन्होंने इसे अपने जीवन के लिए एक नई उम्मीद और संबल बताया।
यह पहल भारतीय स्टेट बैंक की सामाजिक प्रतिबद्धता और ग्राहकों के प्रति उसके गहरे जुड़ाव को दर्शाती है। जब एक परिवार ने अपना सहारा खो दिया, तब बैंक ने आगे बढ़कर उन्हें संभालने का कार्य किया—और यही सच्ची सेवा, संवेदना और विश्वास की पहचान है।
