गयाजी में हीट स्ट्रोक और चमकी बुखार को लेकर अलर्ट, स्वास्थ्यकर्मियों का प्रशिक्षण शुरू
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 07 अप्रैल 2026,
गयाजी; जिले में बढ़ती गर्मी और संभावित हीट स्ट्रोक व चमकी बुखार के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गया है। सिविल सर्जन कार्यालय, जेपीएन अस्पताल परिसर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार सभी प्रखंडों में स्वास्थ्यकर्मियों का व्यापक प्रशिक्षण अभियान शुरू कर दिया गया है।
सिविल सर्जन के निर्देश पर टीम गठित
सिविल सर्जन डॉ. राजाराम प्रसाद के निर्देश पर वरीय स्वास्थ्य पदाधिकारियों की तीन टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों द्वारा जिले के सभी प्रखंडों में चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। टीम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ यूनिसेफ और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रतिनिधि भी शामिल हैं।
किसे दिया जा रहा प्रशिक्षण
इस अभियान के तहत एएनएम, आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सेविकाएं, विद्यालयों के शिक्षक तथा पंचायती राज संस्थाओं के सदस्यों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। साथ ही सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में कूलर, दवाइयों और अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
24 अप्रैल तक सभी प्रखंडों में प्रशिक्षण
जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM) नीलेश कुमार ने बताया कि 24 अप्रैल 2026 तक सभी प्रखंडों में प्रशिक्षण पूरा कर लिया जाएगा। विभिन्न प्रखंडों में तय तिथियों के अनुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे हर स्तर पर जागरूकता बढ़ाई जा सके।
हीट स्ट्रोक और चमकी बुखार के लक्षण
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. एम.ई. हक ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को लक्षणों की पहचान और प्राथमिक उपचार की जानकारी दी जा रही है।
🔹हीट स्ट्रोक के लक्षण: तेज बुखार, बेहोशी, पसीना नहीं आना, उल्टी, सांस लेने में परेशानी
🔹चमकी बुखार के लक्षण: तेज बुखार, ऐंठन (झटके), विशेषकर बच्चों में
बचाव के उपाय और सलाह
हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखने पर मरीज को तुरंत ठंडी जगह पर लिटाना, गीले कपड़े से शरीर ठंडा करना और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाना जरूरी है।
वहीं चमकी बुखार से बचाव के लिए बच्चों को रात में भोजन अवश्य कराना और उन्हें खाली पेट न रखने की सलाह दी गई है।
