बिहार में शराबबंदी पर सियासत तेज, मांझी ने की समीक्षा की मांग

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 18 फरवरी 2026,

गयाजी; बिहार में शराबबंदी नीति को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। आरएलएम विधायक माधव आनंद द्वारा नीति की समीक्षा की मांग के बाद गयाजी में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने इस मुद्दे पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को शराबबंदी की मौजूदा स्थिति का गंभीरता से आकलन करना चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर इसमें संशोधन पर विचार करना चाहिए।

उद्देश्य सामाजिक सुधार, लेकिन जमीनी हकीकत अलग

मांझी ने कहा कि शराबबंदी का मूल उद्देश्य सामाजिक सुधार और परिवारों को नशे की समस्या से मुक्ति दिलाना था, लेकिन वर्तमान परिस्थितियां यह संकेत देती हैं कि नीति अपेक्षित परिणाम नहीं दे पा रही है। उनके अनुसार, अवैध शराब की आपूर्ति कई इलाकों में जारी है और होम डिलीवरी जैसी गतिविधियों की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के बाहर से महंगी शराब लाए जाने की खबरें मिलती रहती हैं, जिससे कानून-व्यवस्था की चुनौती बढ़ती है और राजस्व का नुकसान भी होता है।

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मुख्यमंत्री से की नीति पुनर्विचार की अपील

नीतीश कुमार से अपील करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार को राजस्व हानि और जमीनी हकीकत दोनों पहलुओं पर संतुलित दृष्टिकोण अपनाते हुए शराबबंदी नीति की समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई नीति अपने घोषित उद्देश्य को पूर्ण रूप से हासिल नहीं कर पा रही हो और साथ ही आर्थिक क्षति भी हो रही हो, तो उस पर पुनर्विचार लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है।

राजनीति पर पड़ सकता है असर

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शराबबंदी बिहार की प्रमुख नीतियों में से एक रही है। ऐसे में इस पर उठते सवाल आने वाले समय में राज्य की राजनीति को प्रभावित कर सकते हैं। फिलहाल, राज्य सरकार की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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