एनएचएआई की नई पहल से रैयतों को बड़ी राहत

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 07 फरवरी 2026,

गयाजी; भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने बिहार में भूमि अधिग्रहण से प्रभावित रैयतों को शीघ्र और पारदर्शी मुआवजा दिलाने के उद्देश्य से एक विशेष राज्यव्यापी अभियान की शुरुआत की है। इस पहल के तहत अब भूमि स्वामियों को मुआवजे के लिए बार-बार अदालतों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, बल्कि उन्हें निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

गयाजी में जिला विधिक सेवा प्राधिकार में विशेष कार्यशाला

इसी क्रम में शुक्रवार को गयाजी जिले के जिला विधिक सेवा प्राधिकार परिसर में एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम एनएचएआई के क्षेत्रीय कार्यालय-पटना एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के संयुक्त तत्वावधान में सम्पन्न हुआ, जिसमें गयाजी की परियोजना कार्यान्वयन इकाई ने सक्रिय भूमिका निभाई।

भूमि स्वामियों को अधिकारों के प्रति किया गया जागरूक

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य भूमि स्वामियों को उनके संवैधानिक एवं वैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना था। इस दौरान भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया, मुआवजा निर्धारण की विधि तथा वैधानिक उपायों को सरल भाषा में समझाया गया, ताकि सही जानकारी के अभाव में कोई भी रैयत अपने अधिकार से वंचित न रह जाए।

गलत कानूनी प्रक्रिया से रैयतों को होता है नुकसान

कार्यक्रम में एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी एन. एल. येवतकर ने बताया कि मुआवजे से जुड़े कई मामले सीधे उच्च न्यायालय में दायर कर दिए जाते हैं, जबकि उनका निपटारा राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 के तहत निर्धारित वैधानिक मंच पर होना चाहिए। बाद में ऐसे मामलों को वापस भेज दिया जाता है, जिससे रैयतों के कई वर्ष और धन दोनों व्यर्थ हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य रैयतों को सही कानूनी मंच तक पहुंचाना है।

कमजोर वर्गों को मिलेगी पूरी तरह मुफ्त कानूनी सहायता

जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव ने जानकारी दी कि इस अभियान के तहत समाज के कमजोर वर्गों पर विशेष फोकस किया जा रहा है। महिलाओं, बच्चों, अनुसूचित जाति/जनजाति के सदस्यों तथा 1.5 लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले नागरिकों को पूर्णतः निःशुल्क कानूनी सहायता प्रदान की जाएगी, ताकि आर्थिक कमजोरी न्याय पाने में बाधा न बने।

तकनीकी सत्र में दी गई विस्तृत कानूनी जानकारी

कार्यशाला के तकनीकी सत्र में एनएचएआई के अधिवक्ता एवं आद्योपांत लीगल के सचिव डॉ. मौर्य विजय चंद्रा ने भूमि अधिग्रहण से संबंधित कानूनी प्रक्रियाओं, मुआवजा निर्धारण और उनके निष्पादन पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने उपस्थित वकीलों, विधिक स्वयंसेवकों और भूमि स्वामियों के सवालों के उत्तर देकर उनकी शंकाओं का समाधान किया।

रैयतों के लिए समय और धन की बचत का प्रयास

एनएचएआई और विधिक सेवा प्राधिकार की इस संयुक्त पहल को रैयतों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान से भूमि स्वामियों को समयबद्ध, पारदर्शी और न्यायसंगत मुआवजा मिलेगा तथा अनावश्यक कानूनी विवादों में उलझने से वे बच सकेंगे।

वरिष्ठ अधिकारियों की रही उपस्थिति

इस अवसर पर एनएचएआई के परियोजना निदेशक सुभाष कुमार मीणा, प्रबंधक जतिन लखवानी, विधि सहायक कुमुदिनी श्रीवास्तव सहित वरिष्ठ अधिकारी रश्मि रंजन, ऋषभ रंजन, राहुल कुमार, अभिषेक कुमार, गौरव वर्धान सिंह एवं सौरभ कुमार भी मौजूद रहे।

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