समृद्ध बिहार की नई दिशा : सात निश्चय–3 की ऐतिहासिक शुरुआत
आर्यावर्त वाणी | पटना | 02 जनवरी 2026,
पटना। बिहार के विकास को नई ऊँचाइयों पर ले जाने के लिए राज्य सरकार ने एक और महत्वाकांक्षी कदम बढ़ाया है। सुशासन और प्रगतिशील सोच के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सात निश्चय–3 की औपचारिक शुरुआत कर दी है। यह नई पहल राज्य को आत्मनिर्भर, समृद्ध और उच्च विकसित राज्यों की सूची में शामिल करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास मानी जा रही है।
सात निश्चय और सात निश्चय–2 के सफल क्रियान्वयन के बाद अब सरकार का लक्ष्य है बिहार को देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में लाना। इस दिशा में सबसे बड़ा संकल्प है, “दोगुना रोजगार, दोगुनी आय”, जिसके तहत हर परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और प्रति व्यक्ति आय को दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
सात निश्चय–3 की प्रमुख घोषणाएँ
👉महिला आर्थिक सशक्तिकरण
🔹मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए ₹10,000 की सहायता दी जाएगी। साथ ही, व्यवसाय विस्तार हेतु ₹2 लाख तक की अतिरिक्त मदद भी प्रदान की जाएगी।
🔹जाति आधारित गणना से चिन्हित गरीब परिवारों को प्राथमिकता। राज्य में चिन्हित 94 लाख गरीब परिवारों को सभी योजनाओं में प्राथमिकता दी जाएगी।
👉स्थानीय बाजारों का विकास
🔹बिहार के पारंपरिक और स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए हाट-बाजारों का उन्नयन और विस्तार किया जाएगा।
👉युवाओं को रोजगार अवसर
🔹अगले पाँच वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया गया है।
👉नए विभाग की स्थापना
🔹युवाओं में कौशल और रोजगार को समर्पित युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग का गठन किया गया है, जिससे योजनाओं का क्रियान्वयन और तेज व प्रभावी हो सके।
बिहार के विकास की ओर निर्णायक कदम
सात निश्चय–3 को राज्य सरकार ने बिहार में आर्थिक क्रांति लाने वाला कदम बताया है। यह योजना न सिर्फ रोजगार और आय बढ़ाने पर केंद्रित है, बल्कि सामाजिक न्याय, आर्थिक उत्थान और स्थानीय उद्योगों को सशक्त बनाने का व्यापक रोडमैप भी प्रस्तुत करती है। जैसे-जैसे सात निश्चय–3 की योजनाएँ धरातल पर उतरेंगी, बिहार एक आत्मनिर्भर, समृद्ध और विकसित राज्य की ओर तीव्र गति से आगे बढ़ता दिखाई देगा।