डाइबिटीज को “क्लीन बोल्ड” करने रैम्प पर उतरी डॉक्टरों की टीम, मेगा जागरूकता महोत्सव आयोजित
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 29 दिसंबर 2025,
गयाजी। देश में तेजी से महामारी का रूप ले चुकी डाइबिटीज के खिलाफ जनजागरूकता फैलाने के उद्देश्य से आस्था फाउंडेशन द्वारा मेगा डाइबिटीज उन्मूलन महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देश के जाने-माने चिकित्सकों ने हिस्सा लेकर डाइबिटीज को “साइलेंट किलर” बताते हुए इससे बचाव के उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. दिवाकर तेजस्वी ने कहा कि आज देश में करीब 16 करोड़ लोग डाइबिटीज से पीड़ित हैं, जबकि लगभग 10 करोड़ लोग इसके कगार पर खड़े हैं। यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि नियमित वॉक, संतुलित आहार और तनावमुक्त जीवन अपनाकर डाइबिटीज से बचा जा सकता है।
मशहूर डायबिटोलॉजिस्ट डॉ. कुमार अंगद ने कहा कि आज हर दस में से सात लोग किसी न किसी रूप में डाइबिटीज की चपेट में हैं, जिसका सबसे बड़ा कारण मोटापा और तनावपूर्ण जीवनशैली है। वहीं यूरोलॉजिस्ट डॉ. निखिल चौधरी ने बताया कि डाइबिटीज अनुवांशिक भी होती है, इसलिए जिनके परिवार में इसका इतिहास है, उन्हें विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. नीता नाथ ने महिलाओं में बढ़ते डाइबिटीज के मामलों पर चिंता जताते हुए कहा कि इसका असर गर्भस्थ शिशु पर भी पड़ सकता है, इसलिए महिलाओं को नियमित जांच और सही जीवनशैली अपनानी चाहिए।
डाइबिटीज के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए कार्यक्रम का सबसे आकर्षक हिस्सा रहा डॉक्टरों का रैम्प वॉक। डॉक्टरों ने अपने हाथों में हरी सब्जियां—पालक, गाजर, मूली—लेकर रैम्प पर चलते हुए लोगों से इन्हें अपने दैनिक जीवन में शामिल करने की अपील की।
कार्यक्रम का संचालन मशहूर एंकर जीशान आलम ने पूरे जोश और ऊर्जा के साथ किया, जिससे माहौल उत्साहपूर्ण बना रहा। कार्यक्रम की सफलता में सिंगर राज रौशन, राहुल कुमार, मनोज कुमार के साथ-साथ बैद्यनाथ आयुर्वेद, वास्तु बिहार, सत्यदेव सुपरस्पेशलिटी, रूवन, बालमुकुंद और विजय टीएमटी का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
कार्यक्रम के अंत में छोटे बच्चों की मनमोहक डांस प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों का दिल जीत लिया। धन्यवाद ज्ञापन आस्था फाउंडेशन की चेयरमैन निक्की सिंह एवं किड्जी की प्रिंसिपल चंदना गुप्ता ने किया।
यह आयोजन न सिर्फ जागरूकता का माध्यम बना, बल्कि लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने में भी सफल रहा।

