नूतन नगर तालाब का अस्तित्व संकट में, भू-माफियाओं का योजनाबद्ध कब्ज़ा जारी
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 21 दिसंबर 25,
गयाजी। सड़क पर अतिक्रमण सभी की नजर में आ जाता है, लेकिन असल और बड़ा अतिक्रमण उस जमीन पर होता है जो दिखाई नहीं देता जैसे तालाब, नाले और सार्वजनिक भूमि। कुछ ऐसा ही ताज़ा मामला गयाजी के नूतन नगर वार्ड नंबर 36 इलाके से सामने आया है, जहाँ वर्षों पुराने तालाब को धीरे-धीरे पाटकर उस पर अवैध मकानों की बस्तियां खड़ी कर दी गईं है।
पार्षद ने दिया डीएम को आवेदन
स्थानीय पार्षद बसंती देवी ने 20 दिसंबर 2025 को जिलाधिकारी को लिखित शिकायत भेजकर बताया है कि तालाब की जमीन पर अब तक 100 से अधिक पक्के मकान बन चुके हैं। उन्होंने बताया कि अतिक्रमण की प्रक्रिया पूरी तरह योजनाबद्ध तरीके से की गई है। सबसे पहले सरकारी भूमि को भरकर झोंपड़ी डाल दी जाती है, फिर धीरे-धीरे उसपर पक्का मकान बना दिया जाता है।
होल्डिंग टैक्स रसीद को ही जमीन का स्वामित्व प्रमाण बताते है
चौंकाने वाली बात यह है कि कब्जा जमाने वाले लोग नगर निगम द्वारा जारी होल्डिंग टैक्स की रसीद को ही जमीन का स्वामित्व प्रमाणपत्र बताकर अपना दावा मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि नगर निगम स्पष्ट कर चुका है कि होल्डिंग टैक्स की रसीद जमीन का मालिकाना हक नहीं होती।
वार्ड पार्षद का आरोप प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान
पार्षद का कहना है कि उन्होंने कई बार वरीय अधिकारियों को इस गंभीर और संवेदनशील मामले की जानकारी दी है, लेकिन अभी तक किसी भी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। तालाब पर बढ़ते अतिक्रमण के कारण उसका अस्तित्व ही अब संकट में है, और स्थानीय लोगों में प्रशासन की चुप्पी को लेकर नाराज़गी बढ़ रही है।
