गया जी में 2100 कन्याओं का सामूहिक पूजन, राज्यपाल नंदकिशोर यादव और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार हुए शामिल
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 18 अक्टूबर 2026
गयाजी: नवरात्रि के पावन अवसर पर गयाजी के गांधी मैदान में आस्था, श्रद्धा और सामाजिक समरसता की अनूठी तस्वीर देखने को मिली। गयाजी सेवा भारती की ओर से आयोजित 2100 कन्याओं के सामूहिक कन्या पूजन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कन्याओं का विधि-विधान से पूजन किया गया। कार्यक्रम में नागालैंड के राज्यपाल नंदकिशोर यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।
2100 कन्याओं का विधि-विधान से हुआ पूजन
कार्यक्रम के दौरान कन्याओं को मां दुर्गा के नौ स्वरूपों का प्रतीक मानकर श्रद्धापूर्वक पूजन किया गया। धार्मिक परंपराओं के अनुसार कन्याओं का सम्मान करते हुए उन्हें प्रसाद ग्रहण कराया गया। गांधी मैदान में आयोजित इस सामूहिक आयोजन ने नवरात्रि की धार्मिक महत्ता के साथ-साथ नारी सम्मान और सामाजिक एकता का संदेश भी दिया।
नवरात्रि में कन्या पूजन को विशेष महत्व दिया जाता है। मान्यता है कि कन्याओं में देवी शक्ति का स्वरूप देखा जाता है। इसी आस्था के अनुरूप आयोजित इस कार्यक्रम में कन्याओं के प्रति सम्मान, श्रद्धा और अपनत्व की भावना को प्रमुखता दी गई।
कई वर्षों से लगातार आयोजन कर रही सेवा भारती
गयाजी सेवा भारती की ओर से पिछले कई वर्षों से लगातार सामूहिक कन्या पूजन का आयोजन किया जा रहा है। संस्था का उद्देश्य धार्मिक परंपराओं के संरक्षण के साथ समाज में समानता, सामाजिक समरसता और कन्या सम्मान की भावना को मजबूत करना है।
इस आयोजन के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि बेटियां केवल परिवार की खुशहाली का आधार नहीं, बल्कि पूरे समाज की शक्ति हैं। उन्हें सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
राज्यपाल नंदकिशोर यादव ने दिया महिला सशक्तिकरण का संदेश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नागालैंड के राज्यपाल नंदकिशोर यादव ने सामूहिक कन्या पूजन को महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में समाज से भेदभाव समाप्त करने, कन्याओं के सम्मान एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं।
उन्होंने महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन प्रयासों को सफल बनाने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपना योगदान देना चाहिए। सामूहिक सहभागिता से ही ऐसा वातावरण तैयार किया जा सकता है, जहां हर परिवार में शांति, सुरक्षा और समृद्धि बनी रहे।
धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक समरसता का संदेश
गयाजी के गांधी मैदान में आयोजित यह सामूहिक कन्या पूजन धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक जिम्मेदारी का भी प्रतीक बना। 2100 कन्याओं के पूजन के माध्यम से समाज को यह संदेश दिया गया कि नारी सम्मान केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे दैनिक जीवन और सामाजिक व्यवहार में भी अपनाया जाना चाहिए।
बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और समान अवसर सुनिश्चित करना ही कन्या सम्मान की भावना को वास्तविक रूप देने का महत्वपूर्ण माध्यम है। नवरात्रि के इस आयोजन ने श्रद्धा के साथ समाज में समानता और महिला सशक्तिकरण के संकल्प को भी रेखांकित किया।
