सीयूएसबी में मनाया गया विश्व सामाजिक कार्य दिवस, सामाजिक न्याय और सामुदायिक सशक्तिकरण का लिया संकल्प
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 18 मार्च 2026,
गयाजी; Central University of South Bihar (सीयूएसबी) के समाजशास्त्रीय अध्ययन विभाग द्वारा विश्व सामाजिक कार्य दिवस 2026 का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। इस वर्ष का थीम “Co-Building Hope and Harmony: A Call to Unite a Divided Society” रखा गया, जिसके माध्यम से सामाजिक न्याय और सामुदायिक एकजुटता का संदेश दिया गया।
रैली के साथ कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत प्रशासनिक भवन से चाणक्य भवन तक निकाली गई एक ऊर्जावान रैली से हुई। रैली को विश्वविद्यालय के कुलपति कामेश्वर नाथ सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अपने संबोधन में उन्होंने समाज को उन्नत और एकजुट बनाने में सामाजिक कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला और विद्यार्थियों को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने के लिए प्रेरित किया।
तकनीक और एआई के उपयोग पर जोर
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में अरविन्द चौबे उपस्थित रहे। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि सामाजिक कार्य के क्षेत्र में तकनीक और विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग कर अमीर-गरीब और जरूरतमंदों के बीच की खाई को कम किया जा सकता है। उन्होंने सामाजिक नवाचार और स्टार्ट-अप्स के माध्यम से समाज सेवा के नए रास्ते तलाशने का आह्वान किया।
संकाय और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी
कार्यक्रम का नेतृत्व समाजशास्त्रीय अध्ययन विभाग के अध्यक्ष प्रो. एम. विजय कुमार शर्मा ने किया। इस अवसर पर प्रो. अनिल कुमार सिंह झा, प्रो. समापिका महापात्र, डॉ. जितेंद्र राम, डॉ. हरेश नारायण पांडेय, डॉ. पारिजात प्रधान और डॉ. प्रिया रंजन सहित कई शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी रही। कार्यक्रम में सामाजिक विज्ञान संकाय के डीन प्रो. प्रणव कुमार और परीक्षा नियंत्रक डॉ. शांति गोपाल पाइन भी मौजूद रहे।
पैनल चर्चा और सांस्कृतिक कार्यक्रम
पैनल चर्चा में कॉमवे एनजीओ के संस्थापक प्रवीण कुमार, प्राण एनजीओ के मुख्य कार्यकारी अनिल कुमार वर्मा और गयाजी के सामाजिक कार्यकर्ता अनंत धीश अमन ने अपने अनुभव साझा किए। इस दौरान पीएचडी शोधार्थियों, एमएसडब्ल्यू, एमए समाजशास्त्र और अन्य स्नातक-स्नातकोत्तर छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से सामाजिक कार्य के मूल भाव और जमीनी स्तर की चुनौतियों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।
समापन पर साझा संकल्प
कार्यक्रम के अंत में डॉ. प्रिया रंजन ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। आयोजन के दौरान सामाजिक न्याय, सामुदायिक सशक्तिकरण और समरस समाज के निर्माण के लिए सभी प्रतिभागियों ने साझा संकल्प लिया।