किसानों की राय से बनेगी कृषि योजनाओं की कार्ययोजना, प्रखंड–पंचायत स्तर पर होंगे जन-चिंतन शिविर
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 27 जनवरी 2026,
गयाजी; प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना की जिला कार्ययोजना को लेकर सोमवार को भारत सरकार के युवा मामले एवं खेल मंत्रालय के संयुक्त सचिव कुणाल ने ऑनलाइन माध्यम से समीक्षा बैठक की। बैठक में गयाजी के जिलाधिकारी शशांक शुभंकर सहित कृषि एवं संबद्ध विभागों के जिला, अनुमंडल और प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत 11 विभागों की कुल 36 योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस योजना में कृषि विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है। इसके साथ कृषि विज्ञान केंद्र, पशुपालन, मत्स्य, गव्य एवं डेयरी, सहकारिता, जल संसाधन, भूमि संसाधन, उद्योग, ग्रामीण विकास और कौशल विकास विभाग की योजनाओं को समाहित किया गया है। योजना के अनुश्रवण के लिए नीति आयोग द्वारा 119 परफॉर्मेंस पैरामीटर निर्धारित किए गए हैं, जिनके आधार पर जिलों की रैंकिंग की जाएगी।
संयुक्त सचिव श्री कुणाल ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ समेकित रूप से कार्य करने का निर्देश दिया, ताकि योजनाओं का प्रभावी लाभ किसानों तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि कार्ययोजना किसानों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप बनाई जाए। इसके लिए प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर जन-चिंतन शिविर आयोजित कर किसानों की राय ली जाए और उसी के आधार पर कार्यक्रम तय किए जाएं, ताकि योजना का क्रियान्वयन जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से हो सके।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के क्रियान्वयन से संबंधित सुझाव और शिकायतों को जिला स्तर पर संकलित कर कार्ययोजना में शामिल किया जाए। इसके लिए एक हेल्पलाइन नंबर जारी करने को कहा गया। इस क्रम में जिला कृषि पदाधिकारी, गयाजी द्वारा योजना से संबंधित सलाह, सुझाव एवं शिकायत दर्ज कराने हेतु हेल्पलाइन नंबर 9031643437 जारी किया गया।
बैठक में जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने कहा कि गयाजी जिले में पोषक अनाज (मिलेट्स), दलहन और तिलहन फसलों की उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने की व्यापक संभावनाएं हैं। इसे ध्यान में रखते हुए ठोस और व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार की जाए। इस दिशा में टनकुप्पा प्रखंड के मायापुर स्थित मिलेट्स सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तथा कृषि विज्ञान केंद्र, मानपुर और आमस का सहयोग लेने का निर्देश दिया गया।
प्रशासन का मानना है कि किसानों की सहभागिता और विभागों के बेहतर समन्वय से प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना जिले में कृषि विकास को नई गति देगी।